रीजनल एयरलाइन Fly91 ने अपने नेटवर्क को छोटे शहरों तक बढ़ाने के लिए **40** ATR-72 विमानों का ऑर्डर दिया है। इस डील की लिस्ट प्राइस **$1 बिलियन** है, जबकि कंपनी ग्रोथ के लिए **₹250 करोड़** जुटाने की तैयारी कर रही है।
बड़े विस्तार का प्लान
Fly91 ने अपने बेड़े को मजबूत करने के लिए 40 ATR-72 टर्बोप्रॉप विमान खरीदने का फैसला किया है। कंपनी इन विमानों के जरिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। इन विमानों की डिलीवरी 2027 के अंत से शुरू होकर अगले 5 सालों तक चलेगी।
फंडिंग और चुनौतियां
हालांकि इस डील की कुल वैल्यू $1 बिलियन बताई जा रही है, लेकिन एविएशन इंडस्ट्री में आमतौर पर बड़े ऑर्डर्स पर भारी डिस्काउंट मिलता है। फिर भी, कंपनी के लिए भारी कैपिटल की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए Fly91 संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) से ₹250 करोड़ जुटा रही है। यह फंड ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण है जब कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹67.7 करोड़ का नेट लॉस हुआ है।
सेक्टर का जोखिम और UDAN स्कीम
भारत में रीजनल एयरलाइन का बिजनेस काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कम प्रॉफिट मार्जिन और ऊंचे ऑपरेटिंग खर्च के कारण कई कंपनियां पहले भी संघर्ष करती रही हैं। Fly91 का काफी बड़ा हिस्सा सरकार की UDAN रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम पर टिका है। भविष्य में इस स्कीम की पॉलिसी और सरकारी सब्सिडी में बदलाव, कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर साबित हो सकता है।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजरें कंपनी की फंडिंग प्रक्रिया और घाटे को कम करने की क्षमता पर टिकी हैं। फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान छोटे बाजारों में अपनी पैठ जमाने पर है, लेकिन लंबी दौड़ में सफलता के लिए उन्हें अपनी ऑक्यूपेंसी रेट और खर्चों को नियंत्रित करना होगा।
