Aviation Sector: दिवाली से पहले हवाई सफर हुआ महंगा, किराया **3 गुना** तक बढ़ा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Aviation Sector: दिवाली से पहले हवाई सफर हुआ महंगा, किराया **3 गुना** तक बढ़ा

त्योहारी सीजन में हवाई सफर करने वालों के लिए बुरी खबर है। भारी डिमांड और ATF की बढ़ती कीमतों के चलते डोमेस्टिक एयरफेयर में **3 गुना** तक का उछाल आया है।

दुर्गा पूजा और दिवाली के सीजन में हवाई यात्रा का खर्च आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। मुंबई-कोलकाता और बेंगलुरु-कोलकाता जैसे प्रमुख रूट्स पर वन-वे टिकट की कीमतें ₹16,000 के करीब पहुंच गई हैं, जो सामान्य दिनों के मुकाबले 3 गुना अधिक हैं। इसका मुख्य कारण त्योहारी सीजन में अचानक बढ़ी डिमांड और डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल है।

फ्यूल कॉस्ट और ऑपरेटिंग मार्जिन

एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। दिल्ली में ATF की कीमत ₹115 प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है। चूंकि एयरलाइंस के कुल खर्च का करीब 40% हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे मुनाफे पर चोट करता है। एयरलाइंस भले ही पीक सीजन में अपनी कमाई बढ़ाने के लिए डायनेमिक प्राइसिंग का सहारा ले रही हों, लेकिन अगर ईंधन की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो इसका असर पैसेंजर ग्रोथ पर पड़ सकता है।

रेलवे से कड़ी चुनौती

हवाई यात्रा को भारतीय रेलवे से भी तगड़ी टक्कर मिल रही है। रेलवे ने अक्टूबर से नवंबर के बीच 12,000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। यह कदम हवाई यात्रा का एक सस्ता विकल्प बनकर एयरलाइंस की 'प्राइसिंग पावर' को सीमित कर सकता है।

रेगुलेटरी और मार्केट आउटलुक

सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को हवाई टिकटों की कीमतों को लेकर गाइडलाइंस तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे इंडस्ट्री में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या एयरलाइंस बढ़ती फ्यूल कॉस्ट का बोझ ग्राहकों पर डालने के बाद भी अपना वॉल्यूम और मार्जिन बनाए रख पाती हैं या नहीं। अगला अर्निंग सीजन इस सेक्टर की असल तस्वीर साफ कर देगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.