रीजनल एयरलाइन FLY91 ने 2031 तक अपने बेड़े को 60 विमानों तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने 40 नए विमानों का ऑर्डर दिया है, हालांकि कड़ी प्रतिस्पर्धा और पूंजी की भारी जरूरतें इसके सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
गोवा स्थित प्राइवेट रीजनल एयरलाइन FLY91 ने अपने विस्तार के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी ने आने वाले 5 वर्षों में अपने विमानों की संख्या 6 से बढ़ाकर 60 करने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, कंपनी ने 40 ATR 72-600 विमानों का ऑर्डर दिया है, जो 2027 से 2032 के बीच बेड़े में शामिल होंगे। एयरलाइन अब अपने घरेलू नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है और आगामी विंटर सीजन में करीब 350 साप्ताहिक उड़ानें भरने की योजना है।
वित्तीय स्थिति और चुनौतियां
यह ध्यान रखना जरूरी है कि FLY91 एक प्राइवेट कंपनी है और इसके शेयर फिलहाल शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं। हालिया फाइनेंशियल ईयर 2025 में, कंपनी ने ₹137.2 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹67.7 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। यह आंकड़े बताते हैं कि एयरलाइन बिजनेस कितना कैपिटल-इंटेंसिव है और तेजी से बढ़ते हुए भी कंपनी को फंड्स की लगातार जरूरत बनी रहेगी।
एविएशन सेक्टर की बात करें तो, ATF यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मुनाफे पर सीधा असर डालता है। साथ ही, भारत में रीजनल एयरलाइंस के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा और हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट हमेशा एक बड़ी बाधा रही है।
आगे की रणनीति
FLY91 ने स्पष्ट किया है कि वे तेजी से विस्तार के बजाय कमर्शियल वायबिलिटी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कंपनी सरकारी UDAN स्कीम जैसी सब्सिडी पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहती और खुद के दम पर रेवेन्यू जनरेट करना चाहती है। निवेशकों और सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपने बड़े ऑर्डर के लिए फंडिंग कैसे जुटाती है और फ्यूल की कीमतों के साथ मार्केट में अपनी जगह कैसे बनाती है।
