Federation of Indian Pilots (FIP) ने AAIB से जून 2025 में हुए Air India फ्लाइट AI171 क्रैश की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है। पायलटों की संस्था ने Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल और एवियोनिक्स सिस्टम की तकनीकी समीक्षा पर जोर दिया है।
जून 2025 में हुए Air India फ्लाइट AI171 के दुखद हादसे की जांच अब और गहरी होती जा रही है। Federation of Indian Pilots (FIP) ने 18 सितंबर को Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस क्रैश की तकनीकी जांच का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया है।
जांच का मुख्य फोकस
पायलटों की संस्था ने विमान के इलेक्ट्रिकल पावर जनरेशन, एवियोनिक्स इंटीग्रेशन, सॉफ्टवेयर कार्यक्षमता और डेटा नेटवर्क परफॉर्मेंस की विस्तृत जांच की मांग की है। FIP का तर्क है कि Boeing 787 का इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर अत्यंत जटिल है, इसलिए इसकी बारीकी से पड़ताल करना अनिवार्य है। इसके अलावा, FIP ने AAIB को Foundation of Aviation Safety द्वारा उपलब्ध कराए गए तकनीकी दस्तावेजों की समीक्षा करने की भी सलाह दी है।
हादसे का ब्योरा
इस हादसे में शामिल विमान Air India का Boeing 787-8 (रजिस्ट्रेशन VT-ANB) था, जो टेक-ऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में 241 यात्रियों और 19 जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार, विमान में General Electric के इंजन लगे थे और इसने दुर्घटना से पहले 41,800 से अधिक उड़ान घंटे पूरे कर लिए थे।
आगे क्या होगा?
AAIB ने पुष्टि की है कि जांच तकनीकी, परिचालन और मानवीय पहलुओं पर केंद्रित है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। एविएशन सेक्टर के जानकारों और निवेशकों की नजर अब AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर है, क्योंकि इसके निष्कर्षों का भविष्य में विमान रखरखाव मानकों और सरकारी नियमों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
