अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने एक बड़ा प्रस्ताव जारी किया है, जिसके तहत अमेरिका की जमीन के ऊपर सुपरसोनिक फ्लाइट्स (Supersonic Flights) उड़ाने पर लगा **50 साल** पुराना बैन **2027** तक हट सकता है। यह नियम शोर कम करने वाली नई टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा।
50 साल बाद अमेरिका में सुपरसोनिक फ्लाइट्स का रास्ता साफ?
अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने एक ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया है, जो अमेरिका में कमर्शियल एयरक्राफ्ट के संचालन के तरीके को बदल सकता है। FAA ने Mach 1 (ध्वनि की गति) या उससे ज़्यादा रफ्तार पर उड़ने वाले प्लेन्स के लिए नए नॉइज़-बेस्ड सर्टिफिकेशन स्टैंडर्ड्स (noise-based certification standards) प्रस्तावित किए हैं। इससे 1970 के दशक की शुरुआत से अमेरिका की जमीन के ऊपर सुपरसोनिक फ्लाइट्स पर लगे प्रतिबंध को हटाया जा सकेगा। यह बैन इसलिए लगाया गया था ताकि ज़्यादा शोर करने वाले 'सोनिक बूम' (sonic boom) से आम लोगों को बचाया जा सके।
नॉइज़ कम करने वाली टेक्नोलॉजी में बड़ी तरक्की
FAA का यह प्रस्ताव एक सीधे बैन से हटकर टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान ध्वनि के स्तर को लेकर सख्त सर्टिफिकेशन नियमों पर फोकस करता है। एजेंसी 'Mach कटऑफ' (Mach cutoff) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेगी। यह तकनीक प्लेन के डिजाइन, ऊंचाई, स्पीड और एटमॉस्फेरिक कंडीशन (atmospheric conditions) का इस्तेमाल करके सोनिक बूम को जमीन से दूर रिफ्रेक्ट (refract) करने पर निर्भर करती है, जिससे नीचे रहने वाले लोगों पर इसका असर काफी कम हो जाता है। FAA के अधिकारियों का कहना है कि आज के समय में इस्तेमाल होने वाले एडवांस्ड मटेरियल्स (advanced materials) और इंजन इंजीनियरिंग की मदद से ऐसी कम शोर वाली फ्लाइट्स तकनीकी रूप से संभव हैं, जो कॉनकॉर्ड (Concorde) के समय में नहीं थीं।
एविएशन सेक्टर पर क्या होगा असर?
इस कदम से उन एविएशन स्टार्टअप्स (aviation startups) को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो सालों से सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहे हैं। Boom Supersonic जैसी कंपनियां, जो Mach 1.7 की स्पीड वाले Overture जेट पर काम कर रही हैं, पहले ही United Airlines और American Airlines जैसे बड़े एयरलाइन कैरियर्स का इंटरेस्ट हासिल कर चुकी हैं। इसके अलावा, Spike Aviation भी अपने S-512 Diplomat मॉडल पर काम कर रही है। इन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना होगी कि उनके डिजाइन FAA के उन कड़े नॉइज़ रिक्वायरमेंट्स (noise requirements) को पूरा कर सकते हैं, जिन्हें एजेंसी 2027 के मध्य तक फाइनल करने का इरादा रखती है।
चुनौतियां और निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
तेज़ हवाई यात्रा का विचार भले ही रोमांचक हो, लेकिन निवेशकों को इस सेक्टर में भारी कैपिटल इंटेंसिटी (capital intensity) और लंबे समय तक चलने वाले रिसर्च कॉस्ट (research costs) के बारे में भी ध्यान रखना चाहिए। सुपरसोनिक प्रोजेक्ट्स के लिए इंजन एफिशिएंसी (engine efficiency) और एयरफ्रेम डेवलपमेंट (airframe development) में भारी निवेश की ज़रूरत होती है। इसके अलावा, इन कंपनियों की फाइनल सफलता FAA के 2027 के नॉइज़ रेगुलेशंस (noise regulations) को पूरा करने और ज़रूरी इंटरनेशनल अप्रूवल (international approvals) हासिल करने पर निर्भर करेगी। FAA और विदेशी एविएशन अथॉरिटीज के बीच मिलकर एक ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाने के लिए बातचीत चल रही है। इंडस्ट्री के लिए अगला अहम कदम कमर्शियल-ग्रेड एयरक्राफ्ट के टेस्ट फ्लाइट्स का सफल समापन और इन रेगुलेटरी नॉइज़ रूल्स का फाइनल होना होगा, जो सुपरसोनिक पैसेंजर मार्केट की टेक्निकल और फाइनेंशियल वायबिलिटी (financial viability) तय करेगा।
