Etihad Airways ने साल 2026 के लिए अपनी पैसेंजर कैपेसिटी में **15-17%** की बढ़ोतरी दर्ज की है। अगस्त में कंपनी का लोड फैक्टर **92%** रहा। एयरलाइन अब मुश्किल वीजा नीतियों और एयरस्पेस की बाधाओं के बीच साल के अंत तक ब्रेक-ईवन (Breakeven) हासिल करने की तैयारी में है।
ऑपरेशनल रिकवरी और प्रदर्शन
अबू धाबी स्थित Etihad Airways ने साल 2026 में अपनी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार दिखाया है। एयरलाइन की 'अवेलेबल सीट किलोमीटर' (Available Seat Kilometers) क्षमता में पिछले साल के मुकाबले 15% से 17% की वृद्धि हुई है। अगस्त के महीने में 92% का मजबूत पैसेंजर लोड फैक्टर यह दर्शाता है कि कंपनी के नेटवर्क में मांग अभी भी बरकरार है।
वित्तीय स्थिति और चुनौतियां
मजबूत ऑपरेशनल आंकड़ों के बावजूद एयरलाइन की वित्तीय तस्वीर सतर्क है। एयरस्पेस क्लोजर के कारण फ्लाइट्स के रास्तों में आई बाधाओं का असर रेवेन्यू पर पड़ा है, जिससे सालाना कमाई स्थिर रहने का अनुमान है। यही कारण है कि एयरलाइन का लक्ष्य फिलहाल 2026 के फाइनेंशियल ईयर में केवल ब्रेक-ईवन (लाभ-हानि बराबर) तक पहुंचने का है। कंपनी ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल रिकवरी के दबाव से भी जूझ रही है।
वीजा नियमों का भारत पर असर
कंपनी के मैनेजमेंट ने चिंता जाहिर की है कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों की सख्त वीजा नीतियां अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए बड़ी बाधा बन रही हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे प्रमुख मार्केट से आने वाली मांग पर पड़ रहा है। इसके अलावा, यात्री अब आखिरी समय में बुकिंग कर रहे हैं, जिससे रेवेन्यू प्लानिंग में जटिलता बढ़ गई है।
भविष्य की तैयारी और फ्लीट अपग्रेड
आगे की राह को देखते हुए, एयरलाइन अपने बेड़े को आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है। कंपनी ने Airbus A321 LR और A330 विमानों में नए केबिन कॉन्फ़िगरेशन लाने का ऐलान किया है, जो 2027 के मध्य तक पूरे हो जाएंगे। कंपनी के पास इन सुधारों को फंड करने के लिए पर्याप्त कैश मौजूद है। निवेशकों और एविएशन सेक्टर के जानकारों के लिए अब इंटरनेशनल एयर कॉरिडोर की स्थिरता और वीजा नियमों में बदलाव सबसे बड़े ट्रिगर बने हुए हैं।
