Emirates, दुबई-दिल्ली रूट पर 25 अक्टूबर से अपने फ्लैगशिप एयरबस A380 का इस्तेमाल शुरू करने जा रही है। साथ ही, बढ़ती ट्रैवल डिमांड को भुनाने के लिए एयरलाइन छह भारतीय शहरों में अपनी प्रीमियम इकोनॉमी केबिन क्लास का विस्तार भी कर रही है।
दिल्ली में A380 का जलवा
Emirates ने भारतीय ऑपरेशंस में एक बड़ा अपडेट दिया है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि 25 अक्टूबर से उसका फ्लैगशिप एयरबस A380, दुबई-दिल्ली रूट पर उड़ान भरेगा। दिल्ली अब मुंबई और बेंगलुरु के साथ इस डबल-डेकर एयरक्राफ्ट के लिए तीसरा भारतीय डेस्टिनेशन बन गया है। यह सर्विस फ्लाइट EK512 और EK513 पर रोजाना ऑपरेट होगी, जिसमें चार-क्लास कॉन्फ़िगरेशन होगी। एयरलाइन इस रूट पर अपनी अन्य तीन डेली फ्लाइट्स के लिए पुराने बोइंग 777 एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल जारी रखेगी, ताकि पैसेंजर्स के लिए प्रीमियम इकोनॉमी के विकल्प उपलब्ध रहें।
छह शहरों में प्रीमियम इकोनॉमी का विस्तार
A380 की शुरुआत के अलावा, Emirates अपने भारतीय नेटवर्क में प्रीमियम इकोनॉमी केबिन को व्यवस्थित रूप से रोल आउट कर रही है। अक्टूबर के अंत तक, यह हाई-वैल्यू प्रोडक्ट दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोलकाता और कोच्चि जैसे छह शहरों की फ्लाइट्स में उपलब्ध होगा। यह कदम उन भारतीय बिजनेस और लेजर ट्रैवलर्स के बढ़ते सेगमेंट को टारगेट करने की एयरलाइन की बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जो स्टैंडर्ड इकोनॉमी और बिजनेस क्लास के बीच बेहतर कंफर्ट पसंद करते हैं।
कोलकाता को मिलेगा नया एयरक्राफ्ट
कोलकाता को भी एक महत्वपूर्ण सर्विस चेंज मिलने वाला है। 25 अक्टूबर से, रोजाना की EK570/571 फ्लाइट्स मॉडर्न एयरबस A350 पर शिफ्ट हो जाएंगी। इस एयरक्राफ्ट में भी प्रीमियम इकोनॉमी शामिल है, जिसका मतलब है कि कोलकाता-दुबई रूट पर सभी 12 साप्ताहिक फ्लाइट्स में यह केबिन क्लास ऑफर की जाएगी। ये बदलाव भारत में एयरलाइन के लगातार इन्वेस्टमेंट का नतीजा हैं, जिसमें हाल ही में दिल्ली और मुंबई में फिजिकल ट्रैवल रिटेल स्टोर्स खोलना भी शामिल है। एयरलाइन ने हैदराबाद और बेंगलुरु में भी ऐसे ही आउटलेट्स लॉन्च करने की योजना का संकेत दिया है, जिसके लिए मुंबई में एक सेंट्रलाइज्ड कॉल सेंटर भी सपोर्ट करेगा।
भारतीय एविएशन मार्केट पर फोकस
यह विस्तार इंडिया-दुबई ट्रैवल कॉरिडोर में मजबूत डिमांड को दिखाता है। इन्वेस्टर्स के लिए, ये कदम Emirates की मंशा को दर्शाते हैं कि वह A380 जैसे बड़े क्षमता वाले एयरक्राफ्ट और A350 जैसे नए, अधिक एफिशिएंट मॉडल्स का इस्तेमाल करके प्रीमियम इंटरनेशनल ट्रैवल मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। हालांकि एविएशन सेक्टर हाई फ्यूल कॉस्ट और वोलेटाइल जेट फ्यूल प्राइसिंग के दबाव का सामना कर रहा है, लेकिन एफिशिएंट फ्लीट वाली एयरलाइंस अक्सर अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को बेहतर ढंग से कंट्रोल कर पाती हैं। अगले फेज में, यह देखना होगा कि इन प्रमुख रूट्स पर बढ़ी हुई सीट कैपेसिटी आने वाले फेस्टिव और विंटर ट्रैवल सीज़न के दौरान लगातार लोड फैक्टर और प्रति पैसेंजर बेहतर यील्ड की ओर ले जाती है या नहीं।
