Easy Trip Planners को Q1 FY27 में ₹11.7 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी मुनाफे में थी। रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹134.7 करोड़ हुआ, लेकिन ऑपरेटिंग खर्चों में 30% की भारी बढ़ोतरी ने सारी कमाई खत्म कर दी। ऐसे में निवेशक कंपनी की लागत प्रबंधन क्षमता पर पैनी नजर रख रहे हैं।
Q1 में क्यों हुआ कंपनी को घाटा?
Easy Trip Planners (EaseMyTrip) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी को ₹11.7 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹44.3 लाख के मुनाफे के बिल्कुल विपरीत है। यह घाटा तब हुआ जब कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चे, आय से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़े।
आय बढ़ी, पर खर्चों ने बिगाड़ा खेल
कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 18.4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹134.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, कुल खर्चों में 30% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹152.7 करोड़ तक पहुंच गए। खर्चों में इस उछाल की मुख्य वजह सर्विस कॉस्ट में ₹39.2 करोड़, एम्प्लॉई बेनिफिट एक्सपेंस में ₹32.8 करोड़ और एडवरटाइजिंग व सेल्स प्रमोशन पर ₹18.5 करोड़ का बढ़ा हुआ खर्च है। ये आंकड़े ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) सेक्टर के हाई-कॉस्ट माहौल को दर्शाते हैं, जहां मार्केट में अपनी जगह बनाए रखने के लिए आक्रामक मार्केटिंग और ग्राहक जुटाने पर भारी खर्च करना पड़ता है।
बिजनेस मिक्स में बदलाव
कंपनी के रेवेन्यू स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव दिख रहा है। होटल्स और हॉलिडे पैकेज सेगमेंट ने दमदार ग्रोथ दिखाई है, जिसमें रेवेन्यू दोगुने से बढ़कर ₹67.6 करोड़ हो गया। इस सेगमेंट में होटल रूम-नाइट बुकिंग 95.4% बढ़कर 6.47 लाख तक पहुंच गई। दूसरी ओर, कंपनी का पारंपरिक एयर टिकटिंग बिजनेस, जो पहले इसकी मजबूती था, उसमें रेवेन्यू 4% घटकर ₹54.7 करोड़ रह गया। बिजनेस मिक्स का यह बदलाव, जिसमें नॉन-एयर सेगमेंट की ओर झुकाव है, निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात होगी क्योंकि यह कंपनी के ओवरऑल प्रॉफिट मार्जिन पर असर डालेगा।
अंतरराष्ट्रीय विस्तार और टेक्नोलॉजी पर फोकस
EaseMyTrip अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से विस्तार कर रही है, खासकर दुबई में, जहां ग्रॉस बुकिंग रेवेन्यू 45.2% बढ़कर ₹461.8 करोड़ हो गया। कंपनी अपनी 'विजन 2030' स्ट्रेटेजी के तहत टेक्नोलॉजी में भी निवेश कर रही है, जिसमें AI-आधारित टूल्स जैसे 'ReSave' (बुकिंग पर बचत खोजने में मदद के लिए) और 'EVA' (एक वर्चुअल ट्रैवल असिस्टेंट) शामिल हैं।
निवेशकों के लिए अहम बातें
फाइनेंशियल हेल्थ के नजरिए से, निवेशक कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। तिमाही घाटे के अलावा, कंपनी पर हाई डेटर डेज और कम इंटरेस्ट कवरेज रेशियो जैसे कारक भी दबाव बना रहे हैं, जो कैश फ्लो को प्रभावित कर सकते हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री की गलाकाट प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, ग्रोथ और टेक इनिशिएटिव्स को फंड करते हुए मुनाफे को बनाए रखना एक चुनौती बनी हुई है। शेयरधारकों के लिए आगे की राह में कंपनी की ऑपरेशनल खर्चों को कंट्रोल करने की क्षमता, एयर टिकटिंग सेगमेंट की रिकवरी और कैश कलेक्शन साइकिल में सुधार मुख्य बिंदु होंगे।
