ओमान के सोहार एंकरेज में निकारागुआ के टैंकर MT Petro Dolphin पर ड्रोन से हमला हुआ है। इस घटना में 11 में से 9 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 2 अभी भी लापता हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
11 अक्टूबर, 2026 को हुई इस घटना ने हड़कंप मचा दिया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि भारत सरकार ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और लापता क्रू सदस्यों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
समुद्री व्यापार पर असर और इनवेस्टर्स के लिए संकेत
इस हमले के साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में M/T Valthera पर हुए हमले ने मिडिल ईस्ट में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं। इनवेस्टर्स के लिए यह स्थिति सतर्क रहने वाली है:
- इंश्योरेंस प्रीमियम: समुद्री सुरक्षा के बिगड़ते हालात के कारण 'वॉर रिस्क इंश्योरेंस' (War risk insurance) प्रीमियम में उछाल आ सकता है, जिससे शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की लागत बढ़ेगी।
- ऑपरेशनल रिस्क: लगातार हो रहे हमलों के कारण जहाजों के रूट में बदलाव और देरी की संभावना बनी रहती है, जिसका सीधा असर ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ता है।
बाजार के जानकारों के अनुसार, ऐसी घटनाएं न केवल सुरक्षा अनुपालन (Safety compliance) के खर्च को बढ़ाती हैं, बल्कि मिडिल ईस्ट के रास्ते व्यापार करने वाली कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव बना सकती हैं। फिलहाल, शिपिंग सेक्टर के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण दौर है जिसे इनवेस्टर्स को बारीकी से ट्रैक करना चाहिए।
