Dilip Buildcon को ओडिशा में ₹160.20 करोड़ का एक नया EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह डील ऐसे समय में आई है जब कंपनी केरल में अपने एक टनल प्रोजेक्ट को लेकर विवादों में घिरी है। कंपनी ने हालिया साइट घटना के लिए भारी मॉनसून बारिश को जिम्मेदार ठहराया है और लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग करने की बात कही है।
ओडिशा में खुला कमाई का नया रास्ता
Dilip Buildcon Ltd को ओडिशा ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से ₹160.20 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक डायवर्जन रोड के निर्माण से जुड़ा है, जिसे कंपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत पूरा करेगी। इस काम को पूरा करने के लिए कंपनी को 18 महीने का समय दिया गया है।
केरल में बढ़ी मुश्किलें
यह अच्छी खबर ऐसे समय में आई है जब कंपनी केरल के अनाकम्पोयिल–कल्लाडी–मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट में हुई एक घटना से निपट रही है। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रोजेक्ट में सभी ज़रूरी इंजीनियरिंग, सुरक्षा और पर्यावरण प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। Dilip Buildcon ने केरल के वायनाड जिले में हुई इस घटना के लिए अत्यधिक खराब मौसम को जिम्मेदार ठहराया है। कंपनी का दावा है कि घटना से ठीक पहले 24 घंटे की अवधि में करीब 265 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
क्या हैं आरोप?
केरल में यह प्रोजेक्ट एक इकोलॉजिकली सेंसिटिव एरिया में आता है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वहां उसके ऑपरेशन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (Central Empowered Committee) सहित विभिन्न रेगुलेटरी बॉडीज़ की निगरानी में हैं। कंपनी का कहना है कि वेस्ट मैनेजमेंट और एक्सकैवेशन (excavation) के तरीके स्वीकृत पद्धतियों के अनुसार ही हैं।
हालांकि, स्थानीय अधिकारी, जिनमें केरल के मंत्री टी. सिद्दीकी (T. Siddique) भी शामिल हैं, घटना को 'मैन-मेड' बता रहे हैं और साइट पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने पहले भी इस इलाके में लैंडस्लाइड के संभावित जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की थी। कंपनी ने जिला अधिकारियों और इमरजेंसी टीमों के साथ मिलकर जांच में सहयोग करने और सभी साइट कर्मियों का पता लगाने की प्रतिबद्धता जताई है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल दृष्टिकोण से, निवेशक ऐसी नियामक या साइट-विशिष्ट चुनौतियों से निपटने के तरीके पर बारीकी से नज़र रखते हैं। ऐसी घटनाएं प्रोजेक्ट में देरी, ज़्यादा स्क्रूटनी या लागत बढ़ने का कारण बन सकती हैं। जहां कंपनी ओडिशा रोड प्रोजेक्ट जैसी नई डील्स से विस्तार कर रही है, वहीं केरल की घटना का प्रोजेक्ट टाइमलाइन और ऑपरेशनल कॉस्ट पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है। मंगलवार को NSE पर Dilip Buildcon के शेयर ₹429.25 पर मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों के लिए आगे की मुख्य अपडेट्स केरल में चल रही जांच के नतीजे और ओडिशा में नए कॉन्ट्रैक्ट की प्रगति होंगी।
