ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Delhivery के शेयर पर अपना भरोसा जताते हुए 'ACCUMULATE' रेटिंग से 'BUY' में अपग्रेड किया है। फर्म ने शेयर के लिए ₹516 का नया टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 16.65% के अपसाइड का संकेत देता है। यह वैल्यूएशन 35 गुना एंटरप्राइज वैल्यू (EV) से EBITDA मल्टीपल पर आधारित है, जिसे फाइनेंशियल ईयर 2028 (FY28E) के अनुमानों के लिए आगे बढ़ाया गया है। फर्म ने FY27E/FY28E EPS प्रोजेक्शन को बरकरार रखा है, जो कंपनी की लॉन्ग-टर्म अर्निंग्स की क्षमता पर विश्वास दिखाता है।
ऑपरेशनल फ्रंट पर, Delhivery ने हालिया नतीजों में EBITDA मार्जिन को 5.2% तक पहुंचाया है, जो एनालिस्ट की उम्मीदों से थोड़ा बेहतर है। यह तब हुआ जब E-com Express एक्विजिशन से जुड़े ₹350 मिलियन के इंटीग्रेशन कॉस्ट को भी शामिल किया गया। कंपनी का B2C सेगमेंट का सर्विस EBITDA मार्जिन पांच तिमाहियों के लगातार प्रयासों के बाद 18% के स्तर पर पहुंच गया, जबकि PTL डिवीजन ने रिकॉर्ड 11.1% का सर्विस EBITDA मार्जिन दर्ज किया। हालांकि, इस सुधार के बावजूद, कंपनी को यील्ड (Yield) में गिरावट का सामना करना पड़ा, जिससे वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) पर भी थोड़ा असर पड़ा।
इन ऑपरेशन्स में सुधार के बावजूद, Delhivery का मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) एक बड़ा सवाल बना हुआ है। स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 140x से लेकर 240x से भी ऊपर तक जाता है, जो लॉजिस्टिक्स सेक्टर के दूसरे बड़े प्लेयर्स जैसे Container Corporation (P/E करीब 30x) या Transport Corporation of India (P/E करीब 20x) की तुलना में काफी ज्यादा है। साथ ही, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगभग 1-1.5% ही है, जो शेयरहोल्डर इन्वेस्टमेंट से मुनाफा बनाने की कम एफिशिएंसी को दर्शाता है। 23 एनालिस्ट्स की ओर से ₹519.35 का एवरेज टारगेट प्राइस बताता है कि यह 'BUY' रिकमेंडेशन मौजूदा वैल्यूएशन के बजाय भविष्य की ग्रोथ पर केंद्रित है।
Delhivery इंडिया के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स सेक्टर का हिस्सा है, जिसे ई-कॉमर्स (E-commerce) की पैठ और सरकारी पहलों का सहारा मिल रहा है। यह सेक्टर एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की ओर बढ़ रहा है। कंपनी को Container Corporation और Blue Dart जैसी बड़ी कंपनियों से सीधी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। E-com Express एक्विजिशन, जिसकी वैल्यू करीब ₹1,400 करोड़ थी, का लक्ष्य मार्केट पोजीशन को मजबूत करना है, हालांकि इंटीग्रेशन कॉस्ट को लेकर शुरुआती चिंताएं थीं। इस एक्विजिशन का सफल इंटीग्रेशन अगले तीन फाइनेंशियल ईयर में अनुमानित 15% सेल्स CAGR और FY27E में 9.6% व FY28E में 10.2% के टारगेटेड EBITDA मार्जिन को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
आगे की बात करें तो, कंपनी अगले तीन फाइनेंशियल ईयर में 15% की सेल्स CAGR का अनुमान लगा रही है। EBITDA मार्जिन FY26E में 6.1%, FY27E में 9.6%, और FY28E में 10.2% तक पहुंचने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का भी यही मानना है, जहां 23 एनालिस्ट्स में से सभी ने 'Strong Buy' की रेटिंग दी है। हाल के Q3FY26 नतीजों, जिसमें रेवेन्यू में 18% की बढ़ोतरी और नेट प्रॉफिट में इजाफा देखा गया, के बाद फरवरी 2026 की शुरुआत में स्टॉक में 5% से ज्यादा की तेजी आई थी। यह निवेशकों के कंपनी की स्ट्रेटेजी और रिकवरी पोटेंशियल में विश्वास को दिखाता है।
