रेवेन्यू चमका, पर मुनाफा क्यों ठहरा?
Q4 FY26 में Delhivery का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 30% बढ़कर ₹2,850 करोड़ दर्ज किया गया। लेकिन, कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹73.4 करोड़ पर लगभग स्थिर रहा, जो पिछले साल ₹72.6 करोड़ था। आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी का कुल खर्च 27% बढ़कर ₹2,853.1 करोड़ हो गया, जिससे रेवेन्यू की ग्रोथ का फायदा मुनाफे में नहीं दिख सका।
पूरे साल का मुनाफा घटा, EBITDA में उछाल
फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 6% की गिरावट आई है और यह ₹152.5 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹162.1 करोड़ था। हालांकि, कंपनी के EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) में जबरदस्त सुधार देखा गया और यह दोगुना होकर ₹764 करोड़ हो गया, मार्जिन 7.3% तक पहुंच गया। EBITDA और नेट प्रॉफिट के बीच का अंतर बताता है कि बढ़े हुए ब्याज, डेप्रिसिएशन या टैक्स के कारण बॉटम लाइन पर असर पड़ा।
ऑपरेशंस में बड़ी उपलब्धियां
FY26 में Delhivery ने 1 अरब ई-कॉमर्स शिपमेंट को हैंडल करने का बड़ा मुकाम हासिल किया, जो कंपनी के पहले दशक के संचालन के बराबर है। साथ ही, कंपनी ने ₹89 करोड़ का पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) भी जेनरेट किया। ये उपलब्धियां कंपनी की ग्रोथ और बड़े पैमाने पर संचालन की क्षमता को दर्शाती हैं।
बाजार में तेजी, लागत का दबाव
भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में जबरदस्त तेजी की उम्मीद है, लेकिन बढ़ती फ्यूल प्राइसेस और नए लेबर रेगुलेशंस के कारण लागत पर दबाव बना हुआ है। ये फैक्टर लॉजिस्टिक्स सेक्टर के मार्जिन को प्रभावित कर रहे हैं।
Ecom Express का अधिग्रहण
कंपनी ने अपनी मार्केट पोजिशन को मजबूत करने के लिए Ecom Express को ₹1,407 करोड़ तक में खरीदने की योजना भी बनाई है। इस स्ट्रैटेजिक कदम से कंपनी का नेटवर्क और पहुंच बढ़ेगी।
एनालिस्ट्स की राय
Delhivery का वैल्यूएशन (Valuation) इंडस्ट्री एवरेज से थोड़ा ऊपर है। Blue Dart और XpressBees जैसी कंपनियों के मुकाबले इसका P/E रेश्यो ज्यादा है। हालांकि, एनालिस्ट्स कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और Ecom Express के अधिग्रहण को लेकर पॉजिटिव हैं। उन्होंने शेयर के लिए ₹490 से ₹539 तक के टारगेट प्राइस दिए हैं।