रेवेन्यू में उछाल, प्रॉफिट में ठहराव
लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Delhivery Ltd. ने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए हैं। जहां एक ओर कंपनी ने अपने रेवेन्यू में जोरदार 30% की उछाल दर्ज की है, वहीं नेट प्रॉफिट में कोई खास ग्रोथ नहीं दिखी।
कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹2,850 करोड़ हो गया। यह ग्रोथ मुख्य रूप से मार्केट कंसॉलिडेट होने और बढ़ती डिमांड के चलते संभव हुई। Ecom Express के इंटीग्रेशन ने भी नेटवर्क क्षमता को बढ़ाया। इस दौरान, कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ और यह पिछले साल के 5.4% से बढ़कर 7.5% यानी ₹214.2 करोड़ पर पहुंच गया।
प्रॉफिट पर दबाव, वैल्युएशन की चिंता
हालांकि, इन सबके बावजूद, नेट प्रॉफिट ₹72.4 करोड़ पर ही टिका रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹162 करोड़ से घटकर ₹153 करोड़ रह गया। यह दिखाता है कि रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, बढ़ती लागतें, जैसे कि फ्यूल और लेबर, मुनाफे पर दबाव डाल रही हैं।
Delhivery का वैल्युएशन इस समय काफी ज्यादा है। कंपनी का P/E रेश्यो 152x से लेकर 233x तक चल रहा है, जो कि इंडस्ट्री के दूसरे बड़े प्लेयर्स जैसे Blue Dart (जिनका P/E 45-52x है और ROE 15.16% है) की तुलना में बहुत ज्यादा है। वहीं, Delhivery का ROE सिर्फ 1-2% है। इसका मतलब है कि निवेशक कंपनी की मौजूदा कमाई के बजाय उसके भविष्य के ग्रोथ पर दांव लगा रहे हैं।
एनालिस्ट्स का भरोसा और आगे की राह
इसके बावजूद, एनालिस्ट्स का भरोसा Delhivery पर बना हुआ है। जनवरी 2026 तक 23 में से 19 एनालिस्ट्स ने 'Buy' रेटिंग दी थी और उनका औसत टारगेट प्राइस ₹498.78 था। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने भी ₹580 का टारगेट प्राइस देते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। वे FY26-28 के बीच 13% रेवेन्यू CAGR और 33% EBITDA CAGR की उम्मीद कर रहे हैं।
Delhivery के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब यही है कि वह अपनी हाई वैल्युएशन को कैसे सही ठहराएगी। रेवेन्यू ग्रोथ को सस्टेनेबल प्रॉफिट में बदलना, लागतों को कंट्रोल करना और अपने नए सर्विसेज (जैसे Delhivery Direct और Rapid) को सफलतापूर्वक स्केल करना, आने वाले समय में इसके स्टॉक की दिशा तय करेगा।