नतीजों का लेखा-जोखा: Delhivery ने कैसे मारी बाज़ी?
Delhivery Limited के Q3 FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ऑपरेशनल और फाइनेंशियल तौर पर मजबूत हुई है। टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line Growth) के साथ-साथ कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
- सर्विस रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18% की शानदार वृद्धि हुई है, जो ₹2,798 करोड़ पर पहुंच गया है। यह पिछली तिमाही (QoQ) की तुलना में 10% ज़्यादा है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण सभी सेगमेंट्स में वॉल्यूम (Volume) का तेज़ी से बढ़ना है।
- एक्सप्रेस पार्सल वॉल्यूम में 43% का ज़बरदस्त उछाल आया है, जो 29.5 करोड़ (295 million) शिपमेंट तक पहुंच गया। वहीं, पार्ट ट्रकलॉड (PTL) सेगमेंट में भी 23% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ देखी गई, जिसमें 5.07 लाख (507,000) मीट्रिक टन कार्गो को संभाला गया।
- प्रॉफिटेबिलिटी में भी ज़बरदस्त उछाल आया है। ईकॉम इंटीग्रेशन कॉस्ट (Ecom Integration Costs) को छोड़कर कंपनी का पैट (PAT) ₹110 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 4 गुना से भी ज़्यादा है। इंटीग्रेशन कॉस्ट को शामिल करने के बाद, पैट लगभग ₹40 करोड़ रहा।
- कंपनी ने सर्विस EBITDA में ₹421 करोड़ का रिकॉर्ड दर्ज किया है, जिसका मार्जिन 15.1% रहा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में, सर्विस EBITDA ₹1,000 करोड़ के पार निकल गया है। एडजस्टेड EBITDA की बात करें तो यह तिमाही में ₹147 करोड़ रहा, जो पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के कुल एडजस्टेड EBITDA के बराबर है।
कंपनी के सप्लाई चेन सर्विसेज़ (SCS) सेगमेंट के मार्जिन में शानदार 13% का सुधार हुआ है, जो पिछले साल सिर्फ 2.1% था। इसके पीछे वजह लागत पर सख्त नियंत्रण और घाटे वाले पोर्टफोलियो से बाहर निकलना है। एक्सप्रेस पार्सल मार्जिन 18.1% और PTL मार्जिन 11% रहा। कुल मिलाकर ट्रांसपोर्ट मार्जिन 16.4% रहा। कंपनी ने कॉर्पोरेट ओवरहेड्स (Corporate Overheads) को भी प्रभावी ढंग से मैनेज किया, जो रेवेन्यू का सिर्फ 9.1% रहा।
इंटीग्रेशन कॉस्ट का क्या हुआ?
ईकॉम एक्सप्रेस (Ecom Express) के इंटीग्रेशन से जुड़ी एकमुश्त लागत (One-off items) के अनुमान को कंपनी के मैनेजमेंट ने घटाकर ₹150-160 करोड़ कर दिया है, जबकि पहले यह अनुमान ₹300 करोड़ था। यह निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर है।
आगे क्या है Outlook?
मैनेजमेंट का कहना है कि अगले कुछ सालों में केपेक्स (Capex) रेवेन्यू का 4% से 4.3% रहने का अनुमान है, और कॉर्पोरेट ओवरहेड्स को घटाकर 6-7% तक लाने का लक्ष्य है। कंपनी का लक्ष्य एडजस्टेड EBITDA के करीब 6% पर फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) को ब्रेकईवन (Breakeven) करना है। इन पहलों (Initiatives) में Delhivery Direct और Delhivery International जैसे नए प्रोजेक्ट्स की सफलता, लागत नियंत्रण और नेटवर्क यूटिलाइजेशन (Network Utilization) को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण होगा। ईकॉम एक्सप्रेस का सफल इंटीग्रेशन और अनुमानित लागत के भीतर रहना अहम रहेगा। निवेशक कंपनी के मार्जिन में लगातार सुधार और फ्री कैश फ्लो जनरेशन की प्रगति पर नज़र रखेंगे।
