लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery के लिए जून तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का मुनाफा जहां **65%** घटकर **₹31.9 करोड़** रह गया, वहीं रेवेन्यू में **27.8%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस मुनाफे पर फ्यूल और लेबर की बढ़ती लागतों का असर साफ दिखा। इसी बीच, कंपनी ने Vani Venkatesh को नया डिप्टी सीईओ नियुक्त किया है, जबकि COO Ajith Pai सितंबर में पद छोड़ देंगे।
Q1 में कैसा रहा Delhivery का प्रदर्शन?
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी करते हुए लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery ने बताया है कि इस अवधि में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹91.1 करोड़ की तुलना में 64.9% घटकर ₹31.9 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 27.8% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,930.7 करोड़ तक पहुंच गया। यह ग्रोथ कंपनी के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में वॉल्यूम में आई मजबूत उछाल के कारण संभव हुई।
रेवेन्यू ग्रोथ के पीछे की कहानी
कंपनी के मुख्य ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। एक्सप्रेस पार्सल शिपमेंट्स पिछले साल की तुलना में 55.2% बढ़कर 322 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गए। वहीं, पार्ट-ट्रकलोड फ्रेट (part-truckload freight) का टन भार 18.4% बढ़कर 542,000 मीट्रिक टन हो गया। इतने बड़े वॉल्यूम के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव देखा गया। EBITDA मार्जिन, जो कंपनी की मुख्य ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है, पिछले साल के 6.49% से घटकर 4.85% रह गया।
लागतें क्यों बढ़ीं?
कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रॉफिट पर पड़े इस दबाव के लिए कई बाहरी वजहों को जिम्मेदार ठहराया है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्टेशन की लागतें बढ़ा दीं, वहीं कई राज्यों में मिनिमम वेज एक्ट (statutory minimum wage) में बढ़ोतरी से लेबर खर्चों में इजाफा हुआ। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी बताया कि सप्लाई चेन में स्थिरता पर मौसमी बदलावों (climate-related disruptions) और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं (geopolitical uncertainties) का भी असर पड़ा। फ्यूल की बढ़ती लागतों का असर कम करने के लिए Delhivery ने अपने कस्टमर कॉन्ट्रैक्ट्स में फ्यूल-लिंक्ड प्राइस रिवीजन (fuel-linked price revisions) लागू कर दिए हैं। उम्मीद है कि इसका पूरा फायदा दूसरी तिमाही में दिखेगा।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, कंपनी ने मैनेजमेंट में एक अहम बदलाव की भी घोषणा की है। Vani Venkatesh को 8 अगस्त से डिप्टी सीईओ (Deputy CEO) नियुक्त किया गया है। वह पहले चीफ बिजनेस ऑफिसर (Chief Business Officer) के तौर पर काम कर रही थीं और अब रेवेन्यू, मार्केटिंग और कस्टमर एक्सपीरियंस की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, कंपनी के को-फाउंडर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) Ajith Pai 15 सितंबर को अपना पद छोड़ देंगे ताकि वे अन्य अवसरों पर काम कर सकें।
Ecom Express इंटीग्रेशन पर अपडेट
निवेशक Ecom Express के इंटीग्रेशन की प्रगति पर भी नजर रखे हुए हैं। Delhivery ने बताया कि जुलाई 2025 से अब तक इस अधिग्रहण से जुड़ी लागत ₹165 करोड़ रही है, जो कंपनी के शुरुआती अनुमान ₹300 करोड़ के दायरे में ही है। इन लागतों में नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन और कर्मचारी समायोजन शामिल थे और अब ये काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं। कंपनी को उम्मीद है कि अब इन्हें अलग से रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आगे की राह
पूरे वित्तीय वर्ष के लिए, Delhivery ने एक्सप्रेस पार्सल के लिए 20-30% और पार्ट-ट्रकलोड फ्रेट के लिए 18-22% की वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी के पास ₹4,677 करोड़ की अच्छी-खासी नकदी (cash position) बनी हुई है, और कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) को रेवेन्यू का 3.1% तक सीमित रखा गया है। निवेशकों के लिए, आने वाली तिमाहियों में कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन सुधारने की क्षमता और नए लीडरशिप टीम का कंपनी के लॉन्ग-टर्म ऑपरेशंस पर पड़ने वाला असर महत्वपूर्ण रहेगा।
