केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के बहुप्रतीक्षित Barapullah Phase-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और Mukarba Chowk अंडरपास का उद्घाटन किया है। **11 साल** के लंबे इंतजार के बाद अब मयूर विहार से दक्षिण दिल्ली का सफर सिग्नल-फ्री हो गया है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सौगात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उद्घाटन के साथ ही Barapullah Phase-3 कॉरिडोर और Mukarba Chowk अंडरपास अब आम जनता के लिए खोल दिए गए हैं। यह प्रोजेक्ट मयूर विहार फेज-1 को सीधे सराय काले खां से जोड़ेगा, जिससे AIIMS और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाला ट्रैफिक सिग्नल-फ्री हो जाएगा। इस पूरी परियोजना पर कुल ₹1,941 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसमें अकेले Barapullah विस्तार पर ₹1,635 करोड़ खर्च हुए हैं।
लंबी देरी और चुनौतियां
इस कॉरिडोर का काम 2015 में शुरू हुआ था और इसे 2017 तक पूरा होना था, लेकिन प्रशासनिक और एग्जीक्यूशन संबंधी चुनौतियों के चलते इसे पूरा होने में 11 साल का समय लग गया। इस देरी के कारण बजट में भी इजाफा हुआ, जो बड़े शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के सामने आने वाली दिक्कतों को दर्शाता है।
कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट पर असर
9 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेगा बल्कि मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटाएगा। जानकारों का मानना है कि मयूर विहार जैसे इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से वहां के रियल एस्टेट सेक्टर और प्रॉपर्टी की वैल्यू पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं, Mukarba Chowk अंडरपास के चालू होने से उस इलाके के लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
आगे क्या?
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) अब अन्य पेंडिंग प्रोजेक्ट्स को तेज करने की योजना बना रहा है। भविष्य में इन नए रूट्स पर ट्रैफिक वॉल्यूम का डेटा यह तय करेगा कि ऐसी ही एडमिनिस्ट्रेटिव रूपरेखा का इस्तेमाल अन्य प्रोजेक्ट्स में किस तरह किया जा सकता है।
