दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक नया 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हिस्सा, जो DND फ्लाईवे को जैतपुर से जोड़ता है, अब ट्रायल रन के लिए खोल दिया गया है। इससे दिल्ली-NCR के यात्रियों का सफर आसान होगा और KMP एक्सप्रेसवे की ओर कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
DND-Jaitpur स्ट्रेच पर ट्रायल रन शुरू
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक महत्वपूर्ण 9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हिस्से को ट्रायल रन के लिए खोल दिया है। यह स्ट्रेच DND फ्लाईवे को जैतपुर से जोड़ता है। यह हिस्सा पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के यात्रियों के लिए एक अहम कड़ी है, जो उन्हें मथुरा रोड और आश्रम-बदरपुर जैसे व्यस्त रास्तों पर ट्रैफिक जाम से बचाएगा।
टोल फ्री ट्रायल, सुरक्षा जांच पर जोर
इस ट्रायल अवधि के दौरान, यह हाईवे ट्रैफिक के लिए खुला है और टोल टैक्स नहीं लिया जा रहा है। यह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है, जिससे किसी भी स्ट्रक्चरल समस्या, साइनेज की कमी या सुरक्षा संबंधी चिंताओं की पहचान की जा सके, इससे पहले कि इसे पूरी तरह से चालू किया जाए। इससे इंजीनियरों को ट्रैफिक फ्लो की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सड़क और सुरक्षा प्रणालियां वास्तविक उपयोग की स्थिति में उम्मीद के मुताबिक काम कर रही हैं।
कनेक्टिविटी और समय की बचत
यह नया सेक्शन, 59 किलोमीटर लंबे DND-फरीदाबाद-KMP कनेक्टर का हिस्सा है, जिसे देश के सबसे लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे से निर्बाध पहुंच प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके चालू होने से, कनेक्टर का लगभग 50 किलोमीटर हिस्सा अब फेज में चालू हो गया है। उम्मीद है कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट स्थानीय सड़कों पर ट्रैफिक जाम को काफी कम कर देगा। अनुमान है कि DND फ्लाईवे से फरीदाबाद क्षेत्र तक की यात्रा का समय घटकर लगभग 20 मिनट रह जाएगा।
भविष्य की योजनाएं और इंफ्रा सेक्टर
यह डेवलपमेंट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से निष्पादन को दर्शाता है। इस प्रोजेक्ट की प्रगति व्यापक कनेक्टिविटी लक्ष्यों से जुड़ी है, जिसमें आगामी नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, जेवर तक 11 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड लिंक भी शामिल है, जिसे ₹3,631 करोड़ की अनुमानित लागत पर कैबिनेट की मंजूरी मिली है। हालांकि ये प्रोजेक्ट्स दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान करते हैं, इंफ्रा सेक्टर में अब अधिक कड़े गुणवत्ता ऑडिट पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को वडोदरा तक पूरी तरह से चालू करना है। हितधारकों के लिए अगली महत्वपूर्ण जानकारी इस स्ट्रेच के आधिकारिक उद्घाटन और ट्रायल अवधि सफलतापूर्वक समाप्त होने के बाद टोल संचालन की शुरुआत होगी।
