दिल्ली मेट्रो का सुनहरा सफर: फेज V का ऐलान!
दिल्ली सरकार ने राजधानी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद, दिल्ली मेट्रो के फेज V(A) का विस्तार ₹12,014.91 करोड़ की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह न केवल शहर की कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने में भी मददगार साबित होगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में तीन नई मेट्रो लाइनें जोड़ी जाएंगी, जो शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को आपस में जोड़ेंगी।
तीन नई लाइनें, अभूतपूर्व कनेक्टिविटी!
फेज V(A) के तहत बनने वाले ये तीन कॉरिडोर दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व रूप से बेहतर बनाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट में दिल्ली सरकार ₹2,940.46 करोड़ का योगदान देगी।
- सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर: सबसे अहम 9.91 किलोमीटर लंबी आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक की लाइन है, जिसमें नौ स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा इलाके से होकर गुजरेगा और कर्तव्य भवन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ेगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इससे लगभग 60,000 सरकारी कर्मचारियों और करीब 200,000 रोज यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ होगा। इस खास स्ट्रेच पर ₹9,570.40 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें दिल्ली सरकार ₹2,337.24 करोड़ देगी।
- एयरपोर्ट कनेक्टिविटी: 2.26 किलोमीटर लंबी एयरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक की लाइन सीधे एयरपोर्ट तक मेट्रो की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे सतह पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस लाइन की अनुमानित लागत ₹1,419.64 करोड़ है, और दिल्ली सरकार इसमें ₹351.86 करोड़ का योगदान करेगी।
- दक्षिण दिल्ली का विस्तार: वहीं, 3.9 किलोमीटर लंबी तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर, जिसकी लागत ₹1,024.87 करोड़ है, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के इलाकों की कनेक्टिविटी को सुधारेगी। इस लाइन के लिए दिल्ली सरकार ₹251.36 करोड़ देगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि यह पूरा प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एडवांस मोबिलिटी' के विजन के साथ पूरी तरह से मेल खाता है।