कनेक्टिविटी में आया भूचाल!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का शुभारंभ, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। 213 किलोमीटर लंबा और ₹12,000 करोड़ की लागत वाला यह सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे शहरों के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास का एक शक्तिशाली इंजन साबित होगा, जैसा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा है।
एडवांस फीचर्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स
इस एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षा के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) शामिल है। साथ ही, इसमें कई इंटरचेंजेज़, ओवरब्रिज और वेसाइड फैसिलिटीज़ (wayside facilities) भी दी गई हैं। इसकी रणनीतिक कनेक्टिविटी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से सहजता से जुड़ती है, जिससे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स में काफी सुधार होगा।
पर्यावरण का भी रखा गया खास ख्याल
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात पर्यावरण संरक्षण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता है। कॉरिडोर में 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (elevated wildlife corridor) बनाया गया है, जो एशिया के सबसे लंबे गलियारों में से एक है। इसे खास तौर पर वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही के लिए डिज़ाइन किया गया है। हाथियों के लिए बनाए गए विशेष अंडरपास और दात काली मंदिर के पास स्थित सुरंग, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।