Delhi Airport ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में **3.85 करोड़** यात्रियों के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें **5%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो GMR Airports Infrastructure के रेवेन्यू मॉडल के लिए काफी अहम संकेत है।
आंकड़ों की बाजीगरी
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही में दिल्ली एयरपोर्ट ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। कुल 3.85 करोड़ यात्रियों में से 2.81 करोड़ घरेलू और 1.04 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्री थे। अगर एयर ट्रैफिक मूवमेंट की बात करें, तो इसमें 6.9% का इजाफा हुआ है और यह आंकड़ा 2,33,331 तक पहुंच गया है। औसतन हर महीने एयरपोर्ट से 65 लाख यात्रियों ने उड़ान भरी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
GMR Airports Infrastructure Ltd के लिए यह ग्रोथ सीधे तौर पर 'नॉन-एरो रेवेन्यू' (Non-aero revenue) को बूस्ट देने वाली है। एयरपोर्ट्स की कमाई का बड़ा हिस्सा ड्यूटी-फ्री शॉप्स, फूड कोर्ट्स और रिटेल आउटलेट्स से आता है, जहां यात्रियों की ज्यादा संख्या सीधे बेहतर मार्जिन में बदलती है।
कर्ज और एक्सपेंशन का गणित
हालांकि ऑपरेशनल ग्रोथ अच्छी है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के कर्ज (Debt) पर भी नजर रखनी होगी। एयरपोर्ट बिजनेस काफी कैपिटल-इंटेंसिव होता है। कंपनी का लक्ष्य अपनी क्षमता को बढ़ाकर 12.5 करोड़ यात्री सालाना करना है, जिसमें घरेलू क्षमता को 8.6 करोड़ तक ले जाने पर खास जोर है।
पिछले फाइनेंशियल ईयर में रनवे मेंटेनेंस और जियोपॉलिटिकल तनावों के चलते जो बाधाएं आई थीं, वे अब दूर हो चुकी हैं। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपनी 10.6 करोड़ की मौजूदा कैपेसिटी का इस्तेमाल कैसे करती है और भविष्य के बड़े विस्तार के दौरान ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कैसे बनाए रखती है।
