Delhi International Airport Limited ने सात महीने के अपग्रेड के बाद अपने तीसरे रनवे (11R/29L) को 20 सितंबर से फिर से चालू करने का फैसला किया है। यह कदम हवाई अड्डे की क्षमता को **125 मिलियन** यात्रियों तक पहुंचाने के लक्ष्य में मदद करेगा, जो GMR Airports के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
रनवे अपग्रेड की खासियत
सात महीने तक चले इस रीहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट में रनवे के पेवमेंट को मजबूत करने और रिसर्फेसिंग का काम किया गया है। इसके साथ ही एक नया Rapid Exit Taxiway (RET Z1) भी जोड़ा गया है, जिससे फ्लाइट्स की मूवमेंट ज्यादा एफिशिएंट हो सकेगी। यह रनवे अब विमानों के रनवे पर बिताए जाने वाले समय (Runway Occupancy Time) को कम करेगा, जिससे खराब मौसम में भी ऑपरेशन सुचारू रूप से चल सकेंगे।
GMR Airports के लिए महत्व
निवेशकों के लिए यह डेवलपमेंट सीधे तौर पर GMR Airports Infrastructure Limited से जुड़ा है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 116 मिलियन और 2032 तक 125 मिलियन यात्रियों को हैंडल करने का है। अभी एयरपोर्ट की क्षमता 106 मिलियन है। दिल्ली एयरपोर्ट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के पहले चार महीनों में ही 26.4 मिलियन यात्रियों को हैंडल किया है, और जुलाई 2026 में ट्रैफिक में 3.7% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।
आगे की राह
इस प्रोजेक्ट को DGCA, Airports Authority of India और Air Traffic Control से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि कंपनी कैसे भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च के बीच अपने ऑपरेशनल मार्जिन को बेहतर बनाए रखती है और बढ़ते ट्रैफिक के साथ टैरिफ स्ट्रक्चर को कैसे मैनेज करती है।
