Delhi International Airport Limited (DIAL) ने Terminal 3 पर अपना नया Pier C शुरू कर दिया है। इससे इंटरनेशनल यात्रियों को हैंडल करने की क्षमता **50%** बढ़कर **3.1 करोड़** सालाना हो गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार
DIAL, जो GMR के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम है, ने 9 सितंबर 2026 की रात से इंटरनेशनल उड़ानों के लिए Pier C का संचालन शुरू कर दिया है। यह कदम BRICS समिट के ठीक पहले उठाया गया है, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट की ग्लोबल एविएशन हब बनने की राह आसान हो गई है। यहाँ एयरक्राफ्ट पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट की बेहतर सुविधा मिलेगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
एयरपोर्ट की बढ़ती क्षमता से टर्मिनल सर्विसेज और रिटेल रेवेन्यू बढ़ने की पूरी संभावना है। कंपनी की आर्थिक स्थिति में भी सुधार दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में नेट डेट टू ऑपरेटिंग प्रॉफिट रेश्यो गिरकर 4.82x पर आ गया है, जो पिछले साल 10.07x था।
रिस्क और चुनौतियां (Monitorables)
इन्वेस्टर्स को थोड़ा सतर्क रहने की भी जरूरत है:
- कर्ज का बोझ: अक्टूबर 2026 में कंपनी को 'बुलेट रीपेमेंट' (एकमुश्त भुगतान) करना है। इसे समय पर चुकाना कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।
- रेगुलेटरी फैसला: कंपनी की कमाई आगे चलकर 'फोर्थ कंट्रोल पीरियड' (CP4) के टैरिफ फैसलों पर टिकी है। इसमें किसी भी तरह की देरी कैश फ्लो पर असर डाल सकती है।
आने वाले समय में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि एयरपोर्ट समिट के दौरान बढ़े हुए ट्रैफिक को कैसे मैनेज करता है और कर्ज चुकाने की प्रक्रिया कैसी रहती है।
