दिल्ली सरकार ने अपने पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेड़े में **150** नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया है। इसके साथ ही राजधानी में जीरो-एमिशन वाली बसों की संख्या बढ़कर **5,238** हो गई है।
दिल्ली सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आनंद विहार के स्वामी विवेकानंद ISBT में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन 150 नई बसों को हरी झंडी दिखाई।
नई चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
इन नई बसों के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने 4 नए हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए हैं। ये स्टेशन नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशवपुर में स्थित हैं। इस विस्तार के बाद दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) के पास अब कुल 6,988 बसें हो गई हैं, जिनमें 1,750 बसें CNG से चलने वाली हैं।
2028-29 तक का रोडमैप
दिल्ली सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2028-29 के अंत तक कुल बस बेड़े को 14,000 यूनिट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य शहरी प्रदूषण को नियंत्रित करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक भरोसेमंद बनाना है। अब भविष्य में इन बसों की सफलता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स की निरंतर सप्लाई पर निर्भर करेगी।
