लाल सागर में जारी तनाव के बीच Egypt का Sokhna टर्मिनल भारत और भूमध्यसागरीय देशों के बीच व्यापार का नया गेटवे बन गया है। कंपनी का H1 2026 रेवेन्यू **13.1%** बढ़कर **$12.7 बिलियन** रहा, हालांकि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण मुनाफे में **39.1%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
बदलता ट्रेड रूट और सोखना की भूमिका
लाल सागर (Red Sea) में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण शिपिंग कंपनियों ने अपने रूट में बदलाव किया है। इसका सीधा फायदा Egypt के Sokhna टर्मिनल को मिला है, जो अब भारत से यूरोप जाने वाले टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और लेदर जैसे सामानों के लिए एक अहम केंद्र बन गया है। सुएज नहर के पास स्थित यह टर्मिनल अब मुख्य रूप से छोटे 'फीडर वेसल्स' के जरिए काम कर रहा है, जो कुल ट्रैफिक का करीब 80% हिस्सा है। साल 2025 में इस सुविधा ने 1.13 मिलियन TEUs का कार्गो हैंडल किया है।
भारत में बड़ा निवेश
DP World सिर्फ पोर्ट हैंडलिंग तक सीमित नहीं है। कंपनी भारत में अगले 5 वर्षों में $5 बिलियन का निवेश करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि पोर्ट से फैक्ट्री तक की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जा सके।
फाइनेंशियल सेहत पर नजर
कंपनी के H1 2026 के नतीजों में मिले-जुले संकेत हैं। जहाँ रेवेन्यू 13.1% उछलकर $12.7 बिलियन पर पहुंच गया, वहीं प्रॉफिट 39.1% गिरकर $585 मिलियन रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह लाल सागर के बदलते शिपिंग पैटर्न और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण बढ़ा हुआ ऑपरेटिंग कॉस्ट है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
निवेशकों को अब कंपनी के डेट (Debt) लेवल और ग्लोबल ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म पर नजर रखनी होगी। टैरिफ में बदलाव भविष्य में कंटेनर वॉल्यूम को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, कंपनी के मैनेजमेंट के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन बनाए रखना और भारत में अपने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
