DP World ने Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) से NCR और अहमदाबाद के हब तक अपनी नई डबल-स्टैक रेल सेवा शुरू कर दी है। Dedicated Freight Corridors (DFC) का उपयोग करके कंपनी न केवल अपनी कंटेनर क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर एक्सपोर्टर्स और इम्पोर्टर्स को एक मजबूत एंड-टू-एंड सर्विस देने का लक्ष्य रख रही है।
क्या है कंपनी की नई रणनीति?
DP World ने महाराष्ट्र स्थित JNPA से प्रमुख इनलैंड कंटेनर डिपो तक दो नई रेल सेवाएं शुरू की हैं। ये रूट पाली-रेवाड़ी, झट्टीपुर-पानीपत, मोदीनगर (NCR) और अहमदाबाद के सचाना को जोड़ते हैं। डबल-स्टैक तकनीक का उपयोग करके कंपनी एक ही रेल यात्रा में सामान्य रेल या सड़क परिवहन की तुलना में काफी ज्यादा कार्गो ढो सकेगी।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का फायदा
यह सर्विस सरकारी DFC नेटवर्क पर आधारित है, जिसे विशेष रूप से भारी माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है। सड़क परिवहन में अक्सर ट्रैफिक और ईंधन की कीमतों की मार झेलनी पड़ती है, जिसे देखते हुए कंपनी का यह शिफ्ट लॉन्ग-टर्म में काफी प्रभावी साबित हो सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कंपनी के एंड-टू-एंड सर्विस मॉडल को भी मजबूती मिलेगी।
सरकारी विजन और चुनौती
यह पहल PM GatiShakti के बहु-आयामी (multi-modal) ट्रांसपोर्ट लक्ष्य के अनुरूप है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस मॉडल की सफलता पूरी तरह से DFC इन्फ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता पर निर्भर है। साथ ही, Adani Ports (APSEZ) और Container Corporation of India (CONCOR) जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, मार्जिन को बनाए रखने के लिए कंपनी को इन नए रूटों पर लगातार हाई कार्गो वॉल्यूम मेंटेन करना होगा।
