लॉजिस्टिक्स दिग्गज DP World ने नवा शेवा में अपने नए वेयरहाउस का उद्घाटन किया है। **₹500 करोड़** के इस निवेश से कंपनी भारत में अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और मजबूत कर रही है।
विस्तार की नई रणनीति
DP World ने मुंबई के पास नवा शेवा में अपने बिजनेस पार्क के दूसरे फेज की शुरुआत कर दी है। 10 लाख वर्ग फुट में फैला यह प्रोजेक्ट कंपनी की भारत में बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। इस नए निवेश के साथ ही बिजनेस पार्क की कुल क्षमता बढ़कर 20 लाख वर्ग फुट हो गई है, जिससे कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स सेवाओं को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPA) के साथ और बेहतर तरीके से जोड़ पाएगी।
पोर्ट प्रोजेक्ट्स और कॉन्ट्रैक्ट पर नजर
कंपनी सिर्फ वेयरहाउस तक सीमित नहीं रहना चाहती। JNPA में उनके एक टर्मिनल का कॉन्ट्रैक्ट जून 2027 में खत्म होने वाला है, जिसे लेकर कंपनी अभी से पोर्ट अथॉरिटीज के साथ बातचीत कर रही है। इसके अलावा, कंपनी की नजरें महत्वाकांक्षी वधवन पोर्ट (Vadhvan Port) प्रोजेक्ट पर भी टिकी हैं।
ग्लोबल फाइनेंशियल सेहत और चुनौतियां
कंपनी के ग्लोबल नतीजों पर नजर डालें तो 2026 की पहली छमाही में रेवेन्यू $12.7 बिलियन रहा, जिसमें 13.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, एडजस्टेड EBITDA में 5.6% की गिरावट आई है और यह $2.86 बिलियन पर आ गया है। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ती लागत मार्जिन पर दबाव डाल रही है।
आगे की राह
बता दें कि DP World एक प्राइवेट कंपनी है और यह भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। निवेशकों और सेक्टर के जानकारों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि कंपनी किस तरह से वधवन पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है और अपने मौजूदा टर्मिनल्स के कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू करा पाती है।
