DGCA की IndiGo को चेतावनी! खतरनाक सामानों की हैंडलिंग में बड़ी लापरवाही, एयरलाइन को देना होगा एक्शन रिपोर्ट

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AuthorAditya Rao|Published at:
DGCA की IndiGo को चेतावनी! खतरनाक सामानों की हैंडलिंग में बड़ी लापरवाही, एयरलाइन को देना होगा एक्शन रिपोर्ट

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने IndiGo को खतरनाक सामानों (Dangerous Goods) की हैंडलिंग में पाई गई गड़बड़ियों को लेकर एक कड़ी चेतावनी जारी की है। दिल्ली स्थित एयरलाइन की फैसिलिटी में हुई जांच में नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है। IndiGo को एक महीने के अंदर एक्शन-टेकन रिपोर्ट (Action-Taken Report) सौंपनी होगी।

DGCA की सख्त कार्रवाई

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation), जो IndiGo का संचालन करती है, को एक औपचारिक चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी दिल्ली में एयरलाइन की इंजीनियरिंग स्टोरेज फैसिलिटी के स्पेशल ऑडिट के बाद आई है। DGCA ने कंपनी विमानों पर खतरनाक माने जाने वाले सामानों के रखरखाव और परिवहन के संबंध में 'एयरक्राफ्ट (कैरीएज ऑफ डेंजरस गुड्स) रूल्स, 2026' के तहत कई बार नियमों का पालन न करने की बात पाई है।

क्या है पूरा मामला?

यह रेगुलेटरी एक्शन एयरलाइन के ग्राउंड ऑपरेशन्स की इंटरनल समीक्षा के बाद लिया गया है। DGCA ने कंपनी मटेरियल (COMAT) की हैंडलिंग में प्रोटोकॉल की कमी देखी है। COMAT में विशेष वस्तुएं जैसे केमिकल्स या बैटरीज शामिल होती हैं, जिनके हवाई परिवहन के दौरान सख्त सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। यह चेतावनी एयरलाइन को राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों के अनुसार इन कमियों को दूर करने का निर्देश देती है।

IndiGo ने जनवरी 2026 में अपनी एक फ्लाइट के आगमन के बाद कार्गो स्पिल (Cargo Spill) की एक घटना को स्वीकार किया है। एयरलाइन ने कहा है कि उन्होंने उस समय इस घटना की सूचना अधिकारियों को दे दी थी। मौजूदा चेतावनी मिलने के बाद, कंपनी ने पुष्टि की है कि वे नियमों के अनुसार स्टोरेज और हैंडलिंग प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए रेगुलेटर की सिफारिशों को लागू करने पर काम कर रही है।

सुधार के उपाय और ऑपरेशनल असर

DGCA की चिंताओं को दूर करने के लिए, रेगुलेटर ने IndiGo के सेफ्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में कई संरचनात्मक बदलावों का आदेश दिया है। इसमें सिर्फ थ्योरेटिकल मॉड्यूल पर निर्भर रहने के बजाय, अधिक प्रैक्टिकल और सिनेरियो-आधारित ट्रेनिंग पर जोर देना शामिल है। DGCA ने विशेष रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर खतरनाक सामानों को संभालने वाले सभी कर्मियों के लिए रिकरेंट ट्रेनिंग (Recurrent Training) आयोजित करने की आवश्यकता बताई है।

इसके अतिरिक्त, कंपनी को अपनी कंटीन्यूअस कंपीटेंसी असेसमेंट (Continuous Competency Assessment - CCA) प्रणाली को मजबूत करना होगा। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है कि ग्राउंड स्टाफ समय के साथ संवेदनशील सामग्रियों को प्रबंधित करने के लिए योग्य बने रहें। हालांकि एयरलाइन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और असेसमेंट सिस्टम को दुरुस्त करने की आवश्यकता से निकट भविष्य में एडमिनिस्ट्रेटिव और पर्सनल से जुड़े खर्चों में वृद्धि हो सकती है।

निवेशक DGCA द्वारा अनिवार्य की गई एक्शन-टेकन रिपोर्ट की सबमिशन की प्रगति पर नज़र रख सकते हैं। जैसा कि IndiGo भारतीय विमानन क्षेत्र में सबसे बड़ा मार्केट शेयर रखती है, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और रेगुलेटरी सेफ्टी नॉर्म्स का सख्ती से पालन उसके लाइसेंस को बनाए रखने और विमानन अधिकारियों के साथ उसकी प्रतिष्ठा के लिए महत्वपूर्ण है। यह देखना होगा कि एयरलाइन अपने विशाल फ्लाइट नेटवर्क को बाधित किए बिना इन बदलावों को कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है।

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