कानपुर के पास Garg Aviation का Tecnam P2006T ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया है, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। DGCA ने जुलाई में ही इस मॉडल को लेकर सेफ्टी गाइडलाइंस जारी की थीं, जिसके बाद अब फ्लाइंग स्कूलों पर सख्त ऑडिट का खतरा मंडरा रहा है।
कानपुर के पास 27 अगस्त, 2026 को Garg Aviation के Tecnam P2006T ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट के हादसे ने भारतीय फ्लाइट ट्रेनिंग सेक्टर की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई। यह घटना तब हुई है जब नियामक संस्थाओं ने पहले ही इस मॉडल के संचालन को लेकर सख्त चेतावनी जारी की थी।
DGCA की पहले से दी गई चेतावनी
Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने 10 जुलाई, 2026 को ही सभी फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन को एक एडवाइजरी जारी की थी। यह निर्देश 2022 में भिवानी, हरियाणा में हुए उसी मॉडल के हादसे के बाद आया था। DGCA ने साफ तौर पर स्कूलों को आपातकालीन रिस्पॉन्स ट्रेनिंग तेज करने और विमान के मेंटेनेंस प्रोटोकॉल को अपडेट करने के लिए कहा था, खासकर गर्म तापमान में विमान के परफॉर्मेंस को लेकर।
ट्रेनिंग स्कूलों पर आर्थिक और ऑपरेशनल संकट
इस तरह की दुर्घटनाओं का सीधा असर फ्लाइंग स्कूलों की कमाई पर पड़ता है। सेफ्टी ऑडिट के चलते ऑपरेशन्स के सस्पेंशन से स्कूलों के ट्रेनिंग शेड्यूल बिगड़ जाते हैं। अगर Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) या DGCA पूरे Tecnam फ्लीट को ग्राउंड करने या मॉडिफिकेशन का आदेश देता है, तो देश भर के कई फ्लाइंग स्कूलों का कामकाज ठप हो सकता है।
सस्ती ट्रेनिंग बनाम सुरक्षा का सवाल
इटली निर्मित Tecnam विमानों को भारतीय स्कूलों में इसलिए पसंद किया जाता है क्योंकि इनका ऑपरेशनल कॉस्ट Cessna या Diamond जैसे विमानों के मुकाबले काफी कम है। लेकिन अब इंडस्ट्री में बहस छिड़ गई है कि क्या कम लागत के चक्कर में सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है? फिलहाल, AAIB ने जांच शुरू कर दी है और DGCA की एक 3-सदस्यीय टीम विमान के परफॉर्मेंस लॉग और मेंटेनेंस हिस्ट्री को खंगाल रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद क्या पूरे फ्लीट के लिए नए कड़े नियम लागू होंगे या नहीं।
