Cyclone Arnab ने ओड़िशा में रेल सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। Ichchapuram-Jhadupudi सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही रुकने से **9** ट्रेनें रद्द और **14** ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा है। इस प्रमुख रूट पर बाधा आने से पैसेंजर और माल ढुलाई दोनों पर गहरा असर पड़ा है।
रेल रूट पर क्यों लगा ब्रेक?
ओड़िशा के गंजम जिले में भारी बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे रेल के 2 पुलों पर खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए East Coast Railway ने ऑपरेशन्स को सस्पेंड कर दिया है। प्रभावित ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी शामिल हैं।
माल ढुलाई और सप्लाई चेन का संकट
यह रूट केवल यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि भारत की ईस्ट कोस्ट ट्रेड के लिए एक लाइफलाइन है। ओड़िशा और आंध्र प्रदेश के इंडस्ट्रियल हब्स से कोयला, आयरन ओर और स्टील जैसे महत्वपूर्ण कमोडिटी इसी मार्ग से जाते हैं। अगर यह रूट लंबे समय तक बंद रहता है, तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कच्चे माल की किल्लत और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में बढ़ोत्तरी का सामना करना पड़ सकता है।
आगे की राह
फिलहाल Indian Railways का पूरा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर है। बाघलाती डैम से जुड़ी चिंताओं के बीच, इंजीनियरिंग टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। माल ढुलाई को प्राथमिकता देने के लिए रेलवे वैकल्पिक रूटों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट कर रहा है। निवेशकों और बिजनेस जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बारिश रुकने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद कब तक पटरियों की सुरक्षा का सर्टिफिकेशन मिलता है और सामान्य सेवाएं बहाल हो पाती हैं।
