Cochin Port: क्रूज यात्रियों के लिए AI-आधारित इमिग्रेशन, अब लंबी लाइनों से मिलेगी आजादी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Cochin Port: क्रूज यात्रियों के लिए AI-आधारित इमिग्रेशन, अब लंबी लाइनों से मिलेगी आजादी

Cochin Port अब क्रूज यात्रियों के लिए एक AI-संचालित इमिग्रेशन कॉरिडोर शुरू करने जा रहा है। Indian Ports Association के सहयोग से शुरू होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट मैनुअल फिंगरप्रिंट और चेहरे की जांच को खत्म कर देगा, जिससे यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा और Cruise Bharat Mission को रफ्तार मिलेगी।

भारतीय बंदरगाहों के आधुनिकीकरण की दिशा में Indian Ports Association (IPA) ने बड़ा कदम उठाया है। Cochin Port में शुरू होने वाला यह नया पायलट प्रोजेक्ट पारंपरिक और धीमी इमिग्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देगा। अब यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े होकर मैनुअल फिंगरप्रिंट नहीं देने होंगे, बल्कि हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और फेशियल रिकग्निशन तकनीक से चलते-फिरते ही पहचान की पुष्टि हो जाएगी।

क्रूज ऑपरेटर्स को होगा बड़ा फायदा

मौजूदा व्यवस्था में क्रूज कंपनियों को जहाज पर ही इमिग्रेशन के लिए जगह बनानी पड़ती है, जिससे उनके केबिन कम हो जाते हैं और ऑपरेशन जटिल हो जाते हैं। इस नई व्यवस्था के आने से क्रूज कंपनियों को अपने शिप पर अतिरिक्त जगह मिलेगी, जिससे उनकी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी। इसका मुख्य मकसद भारतीय पोर्ट्स को ग्लोबल एविएशन हब की तरह स्मार्ट और तेज बनाना है।

Cruise Bharat Mission का बड़ा लक्ष्य

यह पहल सरकार के 'Cruise Bharat Mission' का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2029 तक सालाना 10 लाख क्रूज यात्रियों का आंकड़ा छूना है। आंकड़ों के अनुसार, FY26 में भारतीय पोर्ट्स पर 212 जहाजों के जरिए लगभग 4.63 लाख यात्री आए, जिनमें से 10% विदेशी पर्यटक थे।

आगे का रास्ता

IPA इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही टेंडर लाने की तैयारी में है और इसे संस्था के इंटरनल बजट से फंड किया जाएगा। यदि Cochin Port का यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे देश के अन्य प्रमुख समुद्री द्वारों पर भी लागू किया जाएगा। भविष्य की राह पूरी तरह इस पायलट प्रोजेक्ट के दौरान तकनीक की सटीकता और उसकी रफ्तार पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.