China EV Market: बजट ब्रांड्स का जलवा! Geely, Wuling ने Tesla-BYD को पछाड़ा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
China EV Market: बजट ब्रांड्स का जलवा! Geely, Wuling ने Tesla-BYD को पछाड़ा
Overview

China के 2025 इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Geely Auto और Wuling Motor Holdings के सस्ते और वैल्यू-फोकस्ड मॉडल अब टॉप सेलर्स बन गए हैं, जिन्होंने BYD और Tesla जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।

बजट EV का तूफ़ानी उभार

2025 में China का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट पूरी तरह बदल गया। इस साल वैल्यू-फोकस्ड और किफायती मॉडल्स ने बाज़ार पर कब्ज़ा कर लिया। Geely Auto की Xingyuan EV सबसे ज्यादा बिकने वाली पैसेंजर न्यू एनर्जी व्हीकल (NEV) बनकर उभरी, जिसने साल भर में 465,775 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुई इस कार की शुरुआती कीमत लगभग 9,700 डॉलर (RMB 69,800) थी, जिसने किफ़ायती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं।

SAIC-GM-Wuling का Hongguang Mini EV दूसरे नंबर पर रहा, जिसने 435,599 यूनिट्स की बिक्री की। यह पिछले साल के मुकाबले 55% की ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाता है। इन कॉम्पैक्ट और इकोनॉमिकल EV की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कंज्यूमर अब प्रीमियम ब्रांडिंग के बजाय एक्सेसिबल ट्रांसपोर्टेशन को ज़्यादा तरजीह दे रहे हैं।

प्रीमियम प्लेयर्स पर दबाव

2025 में Tesla और BYD जैसी स्थापित ग्लोबल और डोमेस्टिक दिग्गजों को ज़बरदस्त टक्कर मिली। Tesla का Model Y, जो पहले मार्केट का लीडर था, तीसरे स्थान पर खिसक गया। इसकी 425,337 यूनिट्स बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 11.45% की गिरावट है। 260,000 से 310,000 युआन की रेंज में बिकने वाले Model Y की डिमांड बढ़ाने के लिए Tesla ने कई पेमेंट स्कीम्स भी पेश कीं, लेकिन ये बजट सेगमेंट के आगे फीकी पड़ गईं। Tesla की China में कुल रिटेल सेल्स 4.78% गिरकर 625,698 यूनिट्स पर आ गईं।

BYD भी पिछड़ गई। उसका Seagull मॉडल, जो 2024 में दूसरे सबसे ज़्यादा बिकने वाले मॉडल था, 2025 में चौथे स्थान पर आ गया, जिसकी 310,956 यूनिट्स बिकीं। यह लगभग 30% की गिरावट है। BYD के कोर मॉडल्स जैसे Qin Plus में भी 31% की गिरावट देखी गई। हालांकि, इस दौरान China में ओवरऑल EV सेल्स 27.6% बढ़कर 8 मिलियन यूनिट्स से ऊपर निकल गईं।

रेगुलेटरी बदलावों का असर

China के ऑटोमोटिव रेगुलेटर्स ने आक्रामक प्राइसिंग (Price War) पर लगाम कसने और सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। फरवरी 2026 के मध्य में, स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर मार्केट रेगुलेशन (SAMR) ने कार निर्माताओं को प्रोडक्शन कॉस्ट से कम दाम पर नए व्हीकल बेचने पर आधिकारिक तौर पर बैन लगा दिया। इस फैसले का मकसद उस डिस्ट्रक्टिव प्राइस वॉर को रोकना है, जिसने कई डीलर्स को नुकसान पहुंचाया था।

इसके अलावा, 1 जनवरी 2026 से न्यू एनर्जी व्हीकल्स (NEVs) के लिए परचेज टैक्स में छूट को आधा कर दिया गया है। यह अधिकतम टैक्स डिडक्शन 30,000 युआन से घटाकर 15,000 युआन कर दिया गया है। यह पॉलिसी चेंज, जो सबसिडी पर निर्भरता कम करने और कीमत युद्ध की बजाय वैल्यू-ड्रिवन कंपटीशन को बढ़ावा देने के लिए है, EV मार्केट में एक नए युग का संकेत दे रहा है।

वैल्यूएशन (Valuation) में बड़ा अंतर

Tesla और Geely Auto का मार्केट वैल्यूएशन (Market Valuation) बिल्कुल अलग है। Tesla का मार्केट कैप लगभग 1.55 ट्रिलियन डॉलर है और इसका TTM P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 349 से 407 के बीच है। यह दर्शाता है कि निवेशक कंपनी की भविष्य की अर्निंग ग्रोथ से बहुत उम्मीदें रखते हैं। इसके विपरीत, Geely Auto का मार्केट कैप लगभग HK$181.75 बिलियन है और इसका TTM P/E रेश्यो करीब 9.71 से 12.18 है। यह अंतर दिखाता है कि कैसे मार्केट वैल्यू-फोकस्ड, हाई-वॉल्यूम EV मैन्युफैक्चरर्स को प्रीमियम, हाई-ग्रोथ पोटेंशियल वाली कंपनियों से अलग तरीके से वैल्यू कर रहा है।

आगे का रास्ता और चुनौतियाँ

बजट EVs की बढ़त से प्रीमियम प्लेयर्स और हाई-मार्जिन व्हीकल्स पर निर्भर कंपनियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। Tesla और BYD को छोटे, फुर्तीले कम्पटीटर्स से सीधी टक्कर मिल रही है जो कंज्यूमर की बदलती प्राथमिकताओं का फायदा उठा रहे हैं। बिलो-कॉस्ट सेल्स पर लगा बैन, हालांकि मार्केट को स्टेबल करने के लिए है, लेकिन अगर इनपुट कॉस्ट ऊंची बनी रहती है या डिमांड कम होती है, तो सभी निर्माताओं के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2026 में EV सेल्स ग्रोथ घटकर लगभग 15% रह सकती है, जो 2025 में 27% थी। Tesla के लिए, इतना ऊंचा P/E रेश्यो बनाए रखने के लिए उसे तेजी से इनोवेशन और मार्केट शेयर बढ़ाना होगा, जो कि वैल्यू-फोक्स्ड ब्रांड्स और सरकारी छूट में कमी के कारण और भी मुश्किल हो गया है। प्रीमियम प्राइसिंग पर ग्रोथ के लिए निर्भरता को चुनौती मिल रही है क्योंकि China का मार्केट अब एक्सेसिबल टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दे रहा है।

कंज्यूमर की बदलती प्राथमिकताएं

किफायती EVs का तेज़ी से बढ़ता दबदबा कंज्यूमर सेंटिमेंट में एक बड़े बदलाव का स्पष्ट संकेत है। यह बदलाव इकोनॉमिक अंडरकरंट्स और पॉलिसी एडजस्टमेंट्स से और भी गहरा हो गया है। माना जा रहा है कि China में कंज्यूमर अब 'हाई-एंड, वैल्यू-ड्रिवन कंजम्पशन' की ओर बढ़ रहे हैं और वे ब्रांड प्रेस्टीज से ज़्यादा प्रोडक्ट वैल्यू में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहे हैं। यह ट्रांजीशन, साथ ही कूलिंग डोमेस्टिक मार्केट और चीनी ऑटोमेकर्स द्वारा बढ़ाई जा रही ग्लोबल एक्सपेंशन, यह इशारा करती है कि 2026 उन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होगा जो अफोर्डेबिलिटी और एफिशिएंट टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता देंगी।

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