चेन्नई मेट्रो फेज 2: ड्राइवरलेस ट्रेन का ट्रायल सफल! सीएम ने किया निरीक्षण

TRANSPORTATION
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
चेन्नई मेट्रो फेज 2: ड्राइवरलेस ट्रेन का ट्रायल सफल! सीएम ने किया निरीक्षण

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने चेन्नई मेट्रो के फेज 2 के काम का जायजा लिया। उन्होंने पोंनमल्ली बाईपास के पास ड्राइवरलेस ट्रेन के ट्रायल रन का भी निरीक्षण किया, जो शहर के ट्रांसपोर्टेशन में एक बड़ा कदम है।

ऑटोमेटेड ऑपरेशंस की ओर बढ़ता कदम

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने हाल ही में चेन्नई मेट्रो रेल के चल रहे प्रोजेक्ट्स का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान, उन्होंने फेज 2 के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया, जिसका मकसद शहर के बाहरी इलाकों को मुख्य शहर से जोड़ना है। इस दौरे का एक अहम हिस्सा पोंनमल्ली बाईपास और पोरुर बाईपास के बीच चल रहे ड्राइवरलेस ट्रेन (Unattended Train Operation - UTO) के ट्रायल रन का निरीक्षण था। यह टेक्नोलॉजी चेन्नई मेट्रो के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो भविष्य में ट्रेनों के संचालन को और बेहतर और कुशल बनाने का वादा करती है। इन सिस्टम्स का सफल परीक्षण नई फेज 2 लाइनों को चालू करने के लिए बहुत जरूरी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन की प्रगति

मुख्यमंत्री ने कंस्ट्रक्शन की टाइमलाइन को ट्रैक करने के लिए कई प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स का भी निरीक्षण किया। इसमें कॉरिडोर 5 का हिस्सा, कथिपारा एलिवेटेड ब्रिज शामिल है। इस पुल का निर्माण बैलेंस्ड कैंटिलीवर डिजाइन का उपयोग करके किया जा रहा है, जो अपने आप में एक जटिल तकनीक है। यह डिजाइन जमीन पर पिलर्स की जरूरत को खत्म करता है, जिससे ट्रैफिक में बाधा नहीं आती। इसके अलावा, पोरुर बाईपास मेट्रो स्टेशन का भी जायजा लिया गया, जो कॉरिडोर 4 का एक अहम नोड है। ये प्रोजेक्ट्स शहर की ट्रांसपोर्ट क्षमता को बढ़ाने और सड़क पर ट्रैफिक जाम को कम करने के फेज 2 के बड़े लक्ष्यों का हिस्सा हैं।

पैसेंजर कनेक्टिविटी पर खास ध्यान

इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ, सरकार लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए, विभिन्न फीडर ट्रांसपोर्ट मॉडल का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने और अपने गंतव्य तक जाने में आसानी हो। मुख्यमंत्री ने खुद गवर्नमेंट एस्टेट स्टेशन से नंदनम तक मेट्रो में सफर कर यात्रियों से फीडबैक लिया, ताकि मौजूदा सुविधाओं में सुधार की गुंजाइश पहचानी जा सके। इन सेवाओं को बेहतर बनाना नेटवर्क पर दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक आवश्यक कदम माना जा रहा है।

निवेशकों और यात्रियों के लिए आगे के कदम

फेज 2 के प्रोजेक्ट की प्रगति इस क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी हुई है। आने वाले महीनों में, ऑटोमेटेड ट्रेन लाइनों के आधिकारिक लॉन्च और कथिपारा ब्रिज जैसे प्रमुख एलिवेटेड सेक्शन को पूरा करने पर मुख्य फोकस रहेगा। निवेशकों और हितधारकों को नियामक निकायों से अंतिम सुरक्षा मंजूरी और नई लाइनों के संचालन की आधिकारिक समय-सीमा के बारे में और अपडेट्स का इंतजार रहेगा, जो शहरी गतिशीलता और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर प्रोजेक्ट के प्रभाव को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.