सिविल एविएशन मिनिस्टर K Ram Mohan Naidu ने Chennai Airport के लिए एक बड़ा विजन रखा है, जिसके तहत एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाकर **5.5 करोड़** सालाना पैसेंजर्स तक ले जाने का प्लान है। इसके लिए एक नया 'Terminal 5' प्रस्तावित है, हालांकि फिलहाल पूरा जोर मार्च **2027** तक अटके हुए मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट को पूरा करने पर है।
सिविल एविएशन मिनिस्टर K Ram Mohan Naidu ने चेन्नई एयरपोर्ट के लिए एक दूरगामी रोडमैप पेश किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य केंद्र एक नया 'Terminal 5' है, जिसे रनवे के बीच बनाने का कॉन्सेप्ट रखा गया है। सरकार इसे एक प्रमुख रीजनल एविएशन हब के रूप में विकसित करना चाहती है ताकि बढ़ते एयर ट्रैफिक की डिमांड को पूरा किया जा सके।
मॉडर्नाइजेशन का पेच
फिलहाल, Airports Authority of India (AAI) का ध्यान फेज-2 मॉडर्नाइजेशन पर है। इस प्रोजेक्ट में कुल ₹2,467 करोड़ का निवेश किया गया है, लेकिन बार-बार की देरी के चलते अब इसके मार्च 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इन्वेस्टर्स और स्टेकहोल्डर्स की नजरें इस डेडलाइन पर टिकी हैं क्योंकि मौजूदा कंजेशन को कम करने के लिए यह प्रोजेक्ट बहुत अहम है।
राह में चुनौतियां
चेन्नई एयरपोर्ट के विस्तार की सबसे बड़ी मुश्किल जगह की कमी है। नया टर्मिनल बनाना तकनीकी रूप से काफी जटिल होगा क्योंकि इसे रनवे और टैक्सीवे ऑपरेशंस में बाधा डाले बिना इंटीग्रेट करना चुनौतीपूर्ण काम है। इसके अलावा, Parandur ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के रद्द होने से भी भविष्य की प्लानिंग में अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल अथॉरिटीज Cheyyur और Manellore जैसे विकल्पों पर विचार कर रही हैं।
AAI की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत है, लेकिन देश भर में चल रहे ढेरों इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर का दबाव बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि अथॉरिटी कैसे जमीन की सीमित उपलब्धता और समयबद्ध निर्माण के बीच संतुलन बनाती है।
