उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बारिश के कारण तवा नाला उफान पर आ गया, जिससे मा.लारी-नीति रोड पर बना एक पुल बह गया। इस घटना ने 17 गांवों का संपर्क मुख्य भूभाग से काट दिया है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) कनेक्टिविटी बहाल करने में जुटा है।
पुल बहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तराखंड के चमोली जिले में बीती शाम 10 अगस्त, 2026 को एक बड़ी दुर्घटना हुई। तवा नाला (Tamak Nala) में अचानक आई भीषण बाढ़ ने नीती घाटी को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण मोटर पुल को बहा दिया। यह पुल बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा बनाया गया था, और इसके बह जाने से 17 गांव पूरी तरह से कट गए हैं। कीचड़, पत्थर और बोल्डर से भरा तेज पानी इतना शक्तिशाली था कि ज्योतिर्मठ-मा.लारी मोटर रोड पूरी तरह से बंद हो गई है।
बचाव कार्य जारी, एक कर्मचारी लापता
फिलहाल, मौके पर तलाशी और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीमें ज़मीनी हकीकत पर काम कर रही हैं। दुखद बात यह है कि इस घटना के दौरान एक BRO कर्मचारी और एक गाड़ी के लापता होने की भी खबर है। इन सीमावर्ती इलाकों तक ज़रूरी आवाजाही को तुरंत बहाल करने के लिए, BRO कंक्रीट ह्यूम पाइप का इस्तेमाल करके एक वैकल्पिक रास्ता बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
हिमालयी क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर का जोखिम
इस पुल का बह जाना हिमालयी क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव से जुड़े लगातार के परिचालन जोखिमों को उजागर करता है। यह इलाका पहले भी ऐसी आपदाओं का सामना कर चुका है; पिछले साल अगस्त में भी इसी पुल को बढ़ते जलस्तर ने बहा दिया था। ऐसे वाकये पहाड़ी इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों के सामने आने वाली बार-बार की चुनौतियों को दर्शाते हैं, जहां भारी बारिश और मलबा प्रवाह अक्सर सड़कों और पुलों को अचानक और महंगा नुकसान पहुंचाते हैं।
बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी असर की आशंका
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए, यह घटना पहाड़ी राजमार्ग परियोजनाओं में निहित उच्च रखरखाव और मरम्मत जोखिमों को रेखांकित करती है। स्थानीय यात्रा और सैन्य लॉजिस्टिक्स पर तत्काल प्रभाव के अलावा, यह स्थिति सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पहचानी गई व्यापक कमजोरियों को दर्शाती है। मंत्रालय ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में इस क्षेत्र में दर्जनों इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को नुकसान की सूचना दी थी। बार-बार होने वाली मरम्मत की लागत और ऐसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जलवायु-लचीला संरचनाओं के निर्माण की आवश्यकता सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की योजना के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को सलाह दी है कि वैकल्पिक मार्ग चालू होने तक प्रभावित क्षेत्र से दूर रहें। अधिकारियों का लक्ष्य मौसम और निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर आज या कल तक यातायात फिर से शुरू करना है। अगली महत्वपूर्ण अपडेट वैकल्पिक क्रॉसिंग की सफल बहाली और चल रहे खोज अभियानों के परिणाम होंगे।
