एक तरफ जहां Capital Infra Trust ने अपनी Assets Under Management (AUM) में जबरदस्त 57% का इजाफा कर निवेशकों को खुश किया, वहीं दूसरी ओर, कंपनी के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 86% की भारी गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है।
📉 नतीजों का पूरा गणित
Q3 FY26 में, कंपनी का AUM ₹67,329 मिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) के ₹42,818 मिलियन से काफी ऊपर है। यह बढ़त स्ट्रैटेजिक अधिग्रहणों (strategic acquisitions) की वजह से संभव हुई।
लेकिन, EBITDA में 64.6% की बड़ी गिरावट देखने को मिली, जो Q2 FY26 के ₹1,351.1 मिलियन से घटकर Q3 FY26 में ₹478.4 मिलियन रह गया। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 86.3% की भारी कमी आई, जो Q2 FY26 के ₹784.3 मिलियन से लुढ़क कर ₹107.6 मिलियन पर आ गया।
हालांकि, कंपनी का टोटल इनकम (Total Income) लगभग स्थिर रहा, जो Q3 FY26 में ₹1,818.7 मिलियन रहा, जबकि पिछले क्वार्टर में यह ₹1,870.6 मिलियन था। इसके बावजूद, नेट एसेट वैल्यू (NAV) प्रति यूनिट 7.2% बढ़कर ₹72.31 प्रति यूनिट हो गया।
कंपनी ने Q3 FY26 के लिए ₹2.34 प्रति यूनिट का डिस्ट्रीब्यूशन (Distribution) घोषित किया है, और नौ महीनों के लिए कुल ₹9.20 प्रति यूनिट का डिस्ट्रीब्यूशन दिया है। पिछले नौ महीनों (दिसंबर 31, 2025 तक) की बात करें तो EBITDA ₹1,198.9 मिलियन और नेट प्रॉफिट ₹154.7 मिलियन रहा।
बड़ी पिक्चर: AUM बढ़ा, Profit क्यों घटा?
यह दिलचस्प है कि एक ओर AUM तेज़ी से बढ़ा, लेकिन मुनाफे में भारी कमी आई। यह स्थिति नए अधिग्रहणों से जुड़े बड़े खर्चे या एकमुश्त चार्जेज़ (one-off charges) की ओर इशारा करती है।
कंपनी ने लगभग ₹3,450 मिलियन प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) और ₹12,500 मिलियन QIP के ज़रिए कैपिटल जुटाई थी, जिसका इस्तेमाल संपत्ति अधिग्रहण (asset acquisition) और कर्ज कम करने में किया गया। यह एक स्ट्रैटेजिक कदम है, लेकिन इसका अल्पकालिक असर मुनाफे पर दिख रहा है। अच्छी बात यह है कि नेट डेट टू एंटरप्राइज वैल्यू (Net Debt to EV) का अनुपात सुधरकर 43.3% हो गया है, जो कंपनी की क्रेडिट हेल्थ के लिए पॉजिटिव है।
🚩 आगे क्या? जोखिम और उम्मीदें
आगे चलकर, कंपनी के लिए सबसे बड़ा जोखिम Q4 FY26 तक अपने कर्ज को रीफाइनेंस (refinance) करने की योजना है। इसमें किसी भी देरी से कर्ज की लागत और कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।
मैनेजमेंट का मानना है कि यह क्वार्टर 'परिवर्तनकारी' (transformative) रहा है और उनका ध्यान लंबी अवधि के विकास और स्केल बढ़ाने पर है। नए अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना भी एक बड़ी चुनौती होगी।
आगे चलकर, कंपनी ROFO (Right of First Offer) पाइपलाइन से ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। सरकारी खर्च और HAM मॉडल जैसे इंडस्ट्री टेलविंड्स (industry tailwinds) कंपनी के लिए पॉजिटिव साबित हो सकते हैं। मैनेजमेंट का लक्ष्य 11-12% का एनुआलाइज्ड यील्ड (annualized yield) बनाए रखना है, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है।
