कोचीन शिपयार्ड से $360 मिलियन का बड़ा ऑर्डर
CMA CGM Group भारत की शिपबिल्डिंग क्षमता का लोहा मानते हुए कोचीन शिपयार्ड से 6 LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस)-पावर्ड कंटेनर जहाजों का ऑर्डर दिया है। यह किसी ग्लोबल कैरियर द्वारा भारतीय शिपयार्ड से किया गया पहला इतना बड़ा ऑर्डर है, जिससे भारत की मैरीटाइम महत्वकांक्षाओं को बड़ा बल मिलेगा। यह कदम भारत के 'Maritime Vision 2047' के लक्ष्यों को पूरा करने में भी सहायक होगा और ग्रीन शिपिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
चेन्नई में AI R&D हब से सप्लाई चेन में क्रांति
जहाजों के इस बड़े ऑर्डर के अलावा, CMA CGM ने Capgemini के साथ मिलकर चेन्नई में अपना पहला AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर केंद्रित R&D हब स्थापित किया है। यह हब डिजिटल ट्विन्स और एडवांस्ड एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का उपयोग करके सप्लाई चेन ऑपरेशंस को बेहतर बनाएगा। Capgemini की रिसर्च के अनुसार, डिजिटल ट्विन्स परिचालन दक्षता को 15% तक और स्थिरता (sustainability) को 16% तक बढ़ा सकते हैं। इससे भारतीय व्यवसायों को बेहतर पूर्वानुमान, विश्वसनीयता और दृश्यता (visibility) मिलेगी।
US वेस्ट कोस्ट के लिए सीधी ट्रेड रूट शुरू
कंपनी ने 30 मार्च 2026 से वेस्ट इंडिया से US वेस्ट कोस्ट के लिए एक नई डायरेक्ट ट्रेड रूट (PEARL/PRX सर्विस) भी लॉन्च की है। ट्रांसशिपमेंट की जरूरत को खत्म करने से यह रूट भारतीय एक्सपोर्टर्स को सीधा बाजार देगा, शेड्यूल की विश्वसनीयता बढ़ाएगा और समय-संवेदनशील कार्गो के लिए प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेगा। यह कदम भारत के 'Make in India' अभियान और 'China Plus One' रणनीति का भी समर्थन करता है।
भारत का लॉजिस्टिक्स और शिपबिल्डिंग क्षेत्र
CMA CGM का यह निवेश भारत के $282 बिलियन के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विकास के साथ जुड़ा है, जो ई-कॉमर्स और सरकारी पहलों से प्रेरित है। भारत की शिपबिल्डिंग सेक्टर को भी पॉलिसी सपोर्ट मिल रहा है, हालांकि इसमें आयातित कंपोनेंट्स पर निर्भरता जैसी चुनौतियां हैं। $360 मिलियन के इस ऑर्डर से कोचीन शिपयार्ड का ऑर्डर बुक लगभग ₹23,000 करोड़ तक पहुंच गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। CMA CGM, A.P. Moller - Maersk और Mediterranean Shipping Company (MSC) जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।