बस एग्रीगेटर्स ने नए फीचर्स और राज्यों की साझेदारी से ₹1 लाख करोड़ के बाज़ार को साधा

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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
बस एग्रीगेटर्स ने नए फीचर्स और राज्यों की साझेदारी से ₹1 लाख करोड़ के बाज़ार को साधा
Overview

AbhiBus और redBus जैसे बस सेवा एग्रीगेटर ऑपरेटरों के साथ बेहतर गठजोड़, डिजिटल अभियानों और नई सुविधाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण रूप से विस्तार कर रहे हैं। AbhiBus ने व्हीकल एज फ़िल्टर पेश किया है, जबकि redBus कनेक्टिंग बस बुकिंग की सुविधा देता है। दोनों ही राज्य परिवहन उपक्रमों को जोड़ रहे हैं, जिससे उनकी इन्वेंट्री बढ़ रही है और वे Gen-Z और महिलाओं सहित नए ग्राहक वर्गों को आकर्षित कर रहे हैं। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, 2026 तक बस बाज़ार ₹1 लाख करोड़ से अधिक तक पहुँच जाएगा, जिसमें ऑनलाइन बुकिंग में अभी भी एक विशाल अवसर मौजूद है।

भारत में बस सेवा एग्रीगेटर, जैसे AbhiBus और redBus, अपनी सेवाओं को बेहतर बनाकर, नई साझेदारियाँ करके और डिजिटल रणनीतियों का लाभ उठाकर महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुभव कर रहे हैं। ये कंपनियाँ विभिन्न ग्राहक आवश्यकताओं को पूरा करने और अपनी बाज़ार पहुँच का विस्तार करने के लिए नवीन सुविधाएँ पेश कर रही हैं।

नई सुविधाएँ: AbhiBus ने एक नया फ़िल्टर लॉन्च किया है जो ग्राहकों को बस वाहन की आयु के आधार पर यात्राएं बुक करने की अनुमति देता है, जबकि redBus सीधी सुविधाएँ उपलब्ध न होने पर विभिन्न मार्गों पर कनेक्टिंग बस सेवाओं को बुक करने की सुविधा प्रदान करता है। इन नए उत्पादों का उद्देश्य अधिक लचीलापन प्रदान करना और व्यापक ग्राहक आधार को आकर्षित करना है।

साझेदारी और इन्वेंट्री: एग्रीगेटर राज्य परिवहन उपक्रमों के साथ नए अनुबंध सुरक्षित करके अपनी वृद्धि को मजबूत कर रहे हैं। redBus ने अपनी इन्वेंट्री में 20% की वृद्धि की सूचना दी है, खासकर छोटे शहरों में सेवाओं को डिजिटाइज़ करके। redBus और AbhiBus दोनों ही राज्य परिवहन सेवा प्रदाताओं को सक्रिय रूप से जोड़ रहे हैं, जिनमें हाल ही में ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें शामिल हुई हैं।

विकास चालक: AbhiBus ने उत्तर और पूर्वी भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है, जहाँ दिल्ली और राजस्थान से मजबूत रुझान दिख रहा है। कंपनी ने Q1 FY26 में 18-30 आयु वर्ग (Gen-Z) से बस बुकिंग में 56% साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जिसमें इंदौर, लखनऊ और नागपुर सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ार बने। इसी तिमाही में अकेले यात्रा करने वाली (solo) बस यात्रियों में महिलाओं का अनुपात लगभग 27% था। AbhiBus ने Q1 FY26 में 93% राजस्व वृद्धि दर्ज की जो ₹76.6 करोड़ रही। redBus ने बताया कि 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में उसका वैश्विक बस टिकटिंग राजस्व 34.1% बढ़कर $42.6 मिलियन हो गया, जिसका श्रेय बढ़ी हुई ग्राहक मांग और नए बेड़े को दिया गया, जबकि तीर्थ स्थल और टियर-III शहर तेज़ी से बढ़ते श्रेणियाँ बनकर उभरे हैं।

उद्योग का दृष्टिकोण: भारतीय बस उद्योग 2026 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें राज्य परिवहन बसों के 6.36% और निजी बसों के 7.37% की CAGR से बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में, लगभग 20% बस बुकिंग ही ऑनलाइन होती है, जो एक विशाल अप्रयुक्त अवसर को दर्शाता है।

प्रभाव: यह समाचार भारतीय बस एग्रीगेशन क्षेत्र के लिए मजबूत डिजिटल परिवर्तन और विकास चरण का संकेत देता है। नई सुविधाएँ और साझेदारियाँ इन कंपनियों के राजस्व को बढ़ाने और संभवतः उपभोक्ताओं के लिए समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की संभावना है। अनुमानित बाज़ार आकार और कम ऑनलाइन पैठ अच्छी स्थिति वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण भविष्य के विकास की संभावना का संकेत देते हैं। रेटिंग: 7/10।

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