Budget 2026: ₹10,000 करोड़ का गेम चेंजर! भारत में कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग में आएगी क्रांति, लॉजिस्टिक्स को बड़ी सौगात

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Budget 2026: ₹10,000 करोड़ का गेम चेंजर! भारत में कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग में आएगी क्रांति, लॉजिस्टिक्स को बड़ी सौगात
Overview

बजट 2026 में भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी मजबूती देने की तैयारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर लाने के लिए अगले पांच सालों में **₹10,000 करोड़** की एक खास स्कीम का ऐलान किया है। इसके साथ ही, नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और **20** नए नेशनल वॉटरवेज़ के काम को भी गति मिलेगी, जिससे देश के व्यापार और लॉजिस्टिक्स की क्षमताएं और बढ़ेंगी।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी ग्लोबल पहचान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में भारत को ग्लोबल कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अगले पांच सालों के लिए ₹10,000 करोड़ का एक विशेष फंड जारी करने का प्रस्ताव रखा है। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य देश के अंदर ही वर्ल्ड-क्लास कंटेनर बनाने की क्षमता विकसित करना है, ताकि भारत वैश्विक व्यापार में और ज़्यादा कॉम्पिटिटिव बन सके।

लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा विस्तार

बजट में देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। पूर्वी भारत के डांकुनी (Dankuni) से लेकर पश्चिम में सूरत तक एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) बनाया जाएगा। इससे मालगाड़ियों की आवाजाही तेज़ होगी और सामान एक जगह से दूसरी जगह जल्दी पहुँच सकेगा।

20 नए नेशनल वॉटरवेज़ होंगे चालू

इसके साथ ही, अगले पांच सालों में 20 नए नेशनल वॉटरवेज़ (National Waterways) को ऑपरेशनल करने की योजना है। इसमें सबसे पहले ओडिशा में NW-5 को शुरू किया जाएगा, जो प्रमुख औद्योगिक और खनिज क्षेत्रों को बड़े पोर्ट्स से जोड़ेगा।

जलमार्गों और कोस्टल शिपिंग को मिलेगा बढ़ावा

पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए 'कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम' (Coastal Cargo Promotion Scheme) भी लाई गई है। इसका लक्ष्य 2047 तक इनलैंड वॉटरवेज़ और कोस्टल शिपिंग के ज़रिए होने वाली माल ढुलाई के हिस्सेदारी को मौजूदा 6% से बढ़ाकर 12% करना है। वाराणसी और पटना में इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए एक शिप-रिपेयर इकोसिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।

सी-प्लेन के डोमेस्टिक प्रोडक्शन को भी मिलेगा बूस्ट

टूरिज्म और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए, सरकार 'सी-प्लेन वीजीएफ स्कीम' (Seaplane VGF Scheme) के ज़रिए सी-प्लेन के डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को भी प्रोत्साहित करेगी। वॉटरवेज़ सेक्टर के लिए मैनपावर तैयार करने हेतु रीजनल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी खोले जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.