इंफ्रास्ट्रक्चर के सपने और बाजार की हकीकत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार देने का विजन पेश किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) आउटले घोषित किया गया है। इस बजट का मुख्य आकर्षण 7 नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना है, जिन्हें 'ग्रोथ कनेक्टर्स' के तौर पर देखा जा रहा है। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे और दिल्ली-वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे, जिससे यात्रियों की यात्रा आसान होगी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सरकार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और इनलैंड वॉटरवेज के विस्तार पर भी जोर दे रही है।
क्यों दिखी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट और उछाल?
बजट पेश होने के दिन, यानी 31 जनवरी 2026 को, शेयर बाजार में थोड़ी नरमी दिखी, लेकिन बजट के बाद रेलवे से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में खास हलचल रही। स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में Container Corporation of India (CONCOR) के शेयर 2.34% चढ़े। वहीं, Indian Railway Catering & Tourism Corporation (IRCTC) में 0.46% की तेजी आई। RailTel Corporation of India में 0.42%, Rites Ltd में 0.24% और ITI Ltd में 0.12% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। CONCOR का मार्केट कैप करीब ₹38,252 करोड़ है और इसका P/E 29.86 है, जो ₹492 के भाव पर ट्रेड कर रहा था। IRCTC का मार्केट कैप लगभग ₹49,844 करोड़ और P/E 36.33 है, जिसका शेयर भाव ₹623.05 के आसपास था।
एग्जीक्यूशन की चिंता और लुढ़कते शेयर
दूसरी ओर, कुछ एग्जीक्यूशन-केंद्रित रेलवे PSU में गिरावट देखने को मिली। Indian Railway Finance Corporation (IRFC) में 0.12% की हल्की गिरावट आई। Ircon International 1.13%, Rail Vikas Nigam (RVNL) 1.38%, Steel Authority of India (SAIL) 1.59% और BEML Ltd 1.72% तक गिर गए। Ircon International का मार्केट कैप करीब ₹15,424 करोड़ और P/E 25.77 है, जो ₹167.52 पर ट्रेड कर रहा था। BEML Ltd का मार्केट कैप लगभग ₹14,950 करोड़ और P/E 49.23 है, जिसका शेयर भाव ₹1,778.80 के करीब था। यह दिखाता है कि निवेशक बजट के ऐलान से खुश तो हैं, लेकिन वे कंपनियों की प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता को भी बारीकी से देख रहे हैं, जिससे प्रदर्शन में यह अंतर साफ दिख रहा है।
भविष्य की राह: इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जारी
कुल मिलाकर, ₹12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स बढ़ाना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के मजबूत फोकस को दिखाता है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और अन्य प्रोजेक्ट्स से रेलवे, EPC, कैपिटल गुड्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनियों के लिए आने वाले समय में बड़े ऑर्डर आने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट एग्जीक्यूशन और क्षमता निर्माण पर जोर देता है। हालांकि, ऐतिहासिक तौर पर ऐसे बड़े ऐलान से पूरे सेक्टर में तेजी आती रही है, पर इस बार निवेशकों का रुख काफी सेलेक्टिव दिख रहा है, जहाँ एग्जीक्यूशन क्षमता मजबूत होगी, वे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।
