Union Budget 2026: इंफ्रा पर बंपर दांव! रोड और हाईवे पर **8%** ज़्यादा खर्च, बाज़ार में हलचल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Union Budget 2026: इंफ्रा पर बंपर दांव! रोड और हाईवे पर **8%** ज़्यादा खर्च, बाज़ार में हलचल
Overview

Union Budget 2026 में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को एक बड़ा बूस्ट मिला है। सरकार ने सड़क और राजमार्ग मंत्रालय के लिए **₹3.09 लाख करोड़** का भारी आवंटन किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले **8%** की वृद्धि है। यह राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर सरकार के लगातार फोकस को साफ दर्शाता है।

सरकार ने Union Budget 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास एजेंडे को और मज़बूत किया है। आगामी फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹12.2 लाख करोड़ के कुल पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का ऐलान किया गया है। यह सरकारी खर्च के ज़रिए आर्थिक विस्तार, स्थिरता और रोज़गार सृजन को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस बार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए आवंटित राशि में 8% की बड़ी बढ़त देखी गई है, जो ₹3.09 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। इस आक्रामक खर्च रणनीति का मुख्य मकसद देश भर में लॉजिस्टिक्स (Logistics) और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, साथ ही स्टील, सीमेंट और कैपिटल गुड्स जैसे संबंधित उद्योगों में मल्टीप्लायर इफेक्ट्स के ज़रिए GDP ग्रोथ को गति देना है।

इस इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की कड़ी में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) भी अहम भूमिका निभाएगी। NHAI को इस बार ₹1.87 लाख करोड़ का फंड मिला है, जो पिछले साल के ₹1.70 लाख करोड़ से ज़्यादा है। यह आवंटन NHAI के लिए अपनी वित्तीय स्थिति को सुव्यवस्थित करने और कर्ज का बोझ कम करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, NHAI अपने कुल कर्ज को इस फाइनेंशियल ईयर के अंत तक, यानी मार्च तक, ₹2 लाख करोड़ के नीचे लाने की राह पर है। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि 2021-22 के फाइनेंशियल ईयर में यह कर्ज ₹3.5 लाख करोड़ के अपने उच्चतम स्तर पर था।

इस बजट के ऐलान के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में तेज़ी देखी गई। Larsen & Toubro (L&T) और IRB Infrastructure Developers जैसी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। L&T के शेयर में जहां 2% तक का उछाल आया, वहीं IRB Infrastructure Developers के शेयरों में भी लगभग 4% की तेज़ी दिखी। हालांकि, बाज़ार में डेरिवेटिव्स पर STT (Securities Transaction Tax) बढ़ाने जैसे कुछ अन्य वित्तीय निर्णयों के कारण थोड़ी मायूसी भी रही, जिसके चलते Nifty 50 इंडेक्स में 1.35% की गिरावट आई।

लंबे समय में, लगातार बजटों में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाने का यह ट्रेंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए एक मज़बूत संकेत है। यह सरकार की स्पष्ट नीति का हिस्सा है, जो आर्थिक विकास के इंजन के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर लगातार ध्यान केंद्रित करेगी। यह L&T और IRB Infrastructure जैसी कंपनियों के लिए ऑर्डर विज़िबिलिटी (Order Visibility) और मज़बूत विकास की राह खोलेगा।

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