Blinkit ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) T2 के डोमेस्टिक डिपार्चर एरिया में अपनी इन-टर्मिनल डिलीवरी सर्विस शुरू कर दी है। यह क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम है।
Adani Airport Holdings के साथ मिलकर Blinkit का लक्ष्य उन पैसेंजर्स को सर्विस देना है जिनके पास शॉपिंग के लिए वक्त कम होता है। यह सर्विस 2,500 से ज़्यादा प्रोडक्ट्स, जैसे स्नैक्स, ट्रैवल एसेंशियल्स से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, सीधे पैसेंजर्स को उनके बोर्डिंग गेट्स या लाउंज तक पहुंचाएगी। इससे पारंपरिक एयरपोर्ट रिटेल की सीमाएं खत्म हो जाएंगी और ज़्यादा सुविधा व तेज़ी मिलेगी। Adani Airport Holdings के लिए, यह अपनी नॉन-एरोनॉटिकल (गैर-विमानन) सेवाओं से रेवेन्यू बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, जो एयरपोर्ट प्रॉफिट का एक अहम हिस्सा है। मुंबई एयरपोर्ट सालाना 5 करोड़ से ज़्यादा पैसेंजर्स को हैंडल करता है, जो इसे बड़ी कस्टमर बेस देता है, खासकर ऐसे वक्त में जब पैसेंजर जल्दी में खरीदारी करने को तैयार रहते हैं।
यह वेंचर क्विक कॉमर्स के लिए चुनौतीपूर्ण और हाई-वैल्यू वाले क्षेत्रों में एक बड़े विस्तार को दर्शाता है। Zomato (जिसका मार्केट कैप लगभग $15 बिलियन है) अपनी डिलीवरी एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल करके उन मार्केट्स में एंट्री कर रहा है जहां पहुंचना पहले मुश्किल था। Adani Enterprises (मार्केट कैप करीब $30 बिलियन, P/E रेश्यो लगभग 40x) जैसे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े खिलाड़ी के साथ पार्टनरशिप से ज़रूरी ऑपरेशनल और रेगुलेटरी सपोर्ट मिलता है। जहां क्विक कॉमर्स आम तौर पर शहरी इलाकों में सर्विस देता है, वहीं यह एयरपोर्ट सर्विस उन कस्टमर्स को टारगेट कर रही है जिनकी परचेजिंग इंटेंट (खरीदने की मंशा) हाई होती है और जो समय के दबाव के कारण कीमत को लेकर कम संवेदनशील होते हैं।
हालांकि, इस मौके के साथ कुछ बड़ी ऑपरेशनल चुनौतियां भी जुड़ी हैं। एयरपोर्ट के कड़े सुरक्षा नियम, सीमित एक्सेस वाले क्षेत्र और फ्लाइट का टाइट शेड्यूल इसके लिए एक अलग तरह की, विशेष रूप से प्रशिक्षित डिलीवरी टीम की मांग करता है, जो Blinkit के सामान्य बेड़े से अलग होगी। एक अहम सवाल यह है कि क्या यह डिलीवरी एयरपोर्ट की फ्लाइट के शेड्यूल के अनुसार समय पर हो पाएगी और क्या पैसेंजर्स अपनी फ्लाइट मिस किए बिना डिलीवरी ले सकेंगे। हाई-सिक्योरिटी जोन में ऐप-आधारित डिलीवरी के लिए पैसेंजर का भरोसा बनाना भी एक कंसर्न बना हुआ है। Blinkit की प्राइसिंग को मौजूदा एयरपोर्ट स्टोर्स के साथ कंपीट करना होगा। Zomato के लिए, जो प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस कर रहा है, इस अनोखे माहौल में कॉस्ट और मार्जिन को मैनेज करना महत्वपूर्ण होगा। Adani Enterprises, जिसका रेवेन्यू कई स्रोतों से आता है, पर काफी कर्ज का बोझ है, इसलिए उसके इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सफलता अहम है।
अगर यह मॉडल सफल होता है, तो यह पैसेंजर की सुविधा और एयरपोर्ट रिटेल को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। यह क्विक कॉमर्स के लिए दूसरे व्यस्त, हाई-वैल्यू लोकेशंस जैसे स्टेडियम या बड़े कॉर्पोरेट कैंपस में विस्तार करने का पैटर्न सेट कर सकता है। एनालिस्ट्स Zomato के बारे में सतर्कता से पॉजिटिव हैं, नए क्षेत्रों में एग्जीक्यूशन (कार्यान्वयन) और प्रॉफिटेबिलिटी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। Adani Enterprises को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से एक स्थिर परफॉर्मर माना जा रहा है। गेट-साइड ड्यूटी-फ्री के विकल्प या आखिरी मिनट की एसेंशियल चीजें पेश करने से नए रेवेन्यू स्ट्रीम खुल सकते हैं और पैसेंजर एक्सपीरियंस बेहतर हो सकता है, जो एयरपोर्ट्स को रैपिड डिलीवरी इनोवेशन के लिए एक नया फ्रंटियर बनाते हैं।