डिजिटल ट्रकिंग प्लेटफॉर्म BlackBuck ने जून तिमाही में **25%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹42.17 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू में **42%** का उछाल आकर **₹204.17 करोड़** तक पहुंच गया। पेमेंट और टेलीमैटिक्स सेगमेंट में ग्रोथ देखने को मिली।
BlackBuck की पहली तिमाही के नतीजे
डिजिटल ट्रकिंग प्लेटफॉर्म BlackBuck ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹42.17 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 25% अधिक है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी का टॉप-लाइन प्रदर्शन रहा, जहां रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 42% बढ़कर ₹204.17 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹143.61 करोड़ था।
सेगमेंट की ग्रोथ और यूज़र एंगेजमेंट
कंपनी के मुख्य पेमेंट और टेलीमैटिक्स कारोबार ने ₹145.18 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 21% बढ़ा है। वहीं, कंपनी की ग्रोथ इनिशिएटिव्स ने 153% की ज़बरदस्त ग्रोथ के साथ ₹58.99 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स की संख्या भी बढ़ी है, जहां मंथली ट्रांजैक्टिंग ट्रक ऑपरेटर्स की संख्या 13% बढ़कर 8,83,386 हो गई। साथ ही, कंपनी की कम से कम दो सर्विसेज़ का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स की संख्या 19% बढ़कर 4,58,919 हो गई।
ऑपरेशनल खर्चे और मुनाफे पर असर
हालांकि कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन ऑपरेशनल खर्चों में भी इज़ाफ़ा देखा गया है। कुल खर्चे 57% बढ़कर ₹178.36 करोड़ हो गए। एम्प्लॉई बेनिफिट कॉस्ट में करीब 15% का इजाफ़ा हुआ और यह ₹42.56 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन के खर्चे दोगुने से ज़्यादा होकर ₹22.54 करोड़ हो गए। कंपनी का EBITDA 23% बढ़कर ₹49.71 करोड़ रहा, जबकि एडजस्टेड EBITDA (जिसमें एम्प्लॉई शेयर-बेस्ड पेमेंट खर्च शामिल नहीं है) ₹54.62 करोड़ दर्ज किया गया।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रेगुलेटरी अपडेट्स
कॉर्पोरेट जगत की खबरों के मुताबिक, BlackBuck के बोर्ड ने अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सब्सिडियरी BlackBuck Finserve को 'मटेरियल सब्सिडियरी' का दर्जा दिया है। ऐसा सब्सिडियरी के नेट वर्थ के ग्रुप के कंसोलिडेटेड नेट वर्थ के 10% की सीमा को पार करने के बाद हुआ है। इसके अलावा, कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर, बरुण पांडे, ने अपना इस्तीफ़ा वापस ले लिया है और वे अपने पद पर बने रहेंगे।
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि कंपनी किस तरह अपने रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के साथ संतुलित कर पाती है। ग्रोथ इनिशिएटिव्स की प्रॉफिटेबिलिटी और यूज़र एंगेजमेंट ट्रेंड्स की स्थिरता कंपनी के लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण होगी।
