मुनाफे में लौटी कंपनी, पर Q4 के खर्चे चिंता का सबब
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए BlackBuck ने ₹160.34 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹8.66 करोड़ के घाटे के मुकाबले एक बड़ी वापसी है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 52.7% की ग्रोथ देखी गई और यह ₹651.97 करोड़ पर पहुंच गया। इसमें से ₹641.95 करोड़ का बड़ा हिस्सा ट्रक ऑपरेटर सेवाओं से आया।
लेकिन, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) के आंकड़ों पर गौर करें तो खर्चों में बढ़ोतरी चिंताजनक है। इस तिमाही में रेवेन्यू बढ़कर ₹185.43 करोड़ हुआ, लेकिन कुल खर्चे 67.5% बढ़कर ₹159.21 करोड़ हो गए। अकेले कर्मचारी लाभ (Employee Benefit) का खर्च 24% बढ़कर ₹40.8 करोड़ हो गया। इससे यह साफ है कि रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले मार्जिन में उतनी बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। Q4 का नेट प्रॉफिट ₹65.73 करोड़ रहा, जिसमें ₹28.59 करोड़ का डेफर्ड टैक्स क्रेडिट भी शामिल था, यानी ऑपरेशनल प्रॉफिट करीब ₹37 करोड़ के आसपास रहा।
सेक्टर की चाल और निवेशकों की नजर
BlackBuck का प्रदर्शन लॉजिस्टिक्स सेक्टर में पोस्ट-पैंडेमिक बढ़ी मांग के अनुरूप है। कंपनी अपनी लेंडिंग सेवाओं से भी ₹10.99 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट करती है। इसके प्रतियोगी Delhivery और Porter भी मार्केट की अस्थिरता से जूझ रहे हैं। BlackBuck का FY26 का नेट प्रॉफिट ₹1,736.31 करोड़ के एसेट बेस और ₹1,421.86 करोड़ के इक्विटी के साथ देखना होगा। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के पास ₹91.56 करोड़ की कैश और कैश इक्विवेलेंट्स राशि थी।
निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि BlackBuck अपने बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों, खासकर कर्मचारी खर्चों को कैसे मैनेज करती है ताकि मुनाफे को बनाए रखा जा सके। प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले प्रदर्शन का आकलन करना भी अहम होगा। तेजी से रेवेन्यू ग्रोथ के दौरान मार्जिन में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्च, खासकर अगर वे रेवेन्यू ग्रोथ के साथ तालमेल न बिठाएं, तो कंपनी की वित्तीय सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
