एनालिस्ट और बाजार की राय में बड़ा अंतर
ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) ने Swiggy और Eternal Ltd. दोनों के लिए 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग को फिर से दोहराया है। ऐसा इसलिए क्योंकि फर्म का मानना है कि भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर में इन कंपनियों की लॉन्ग-टर्म संभावनाएं मजबूत हैं। बर्नस्टीन ने Swiggy के लिए ₹500 का प्राइस टारगेट सेट किया है, जो इसके मंगलवार के क्लोजिंग प्राइस ₹314.40 से काफी ऊपर है। वहीं, Eternal के लिए यह टारगेट ₹370 है, जिसने मंगलवार को ₹254.40 पर क्लोजिंग दी थी।
हालांकि, एनालिस्ट के इस बुलिश आउटलुक के बिल्कुल उलट, हाल के दिनों में दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। Swiggy के शेयर लगातार 4 ट्रेडिंग सेशन से गिर रहे हैं, जबकि Eternal पिछले 6 सेशन से गिरावट झेल रहा है। साल-दर-तारीख (Year-to-date) की बात करें तो Swiggy 20% गिर चुका है, वहीं Eternal ने 2026 की शुरुआत से अब तक 13% की बढ़त हासिल की थी, लेकिन हालिया तेजी पूरी तरह से उलट गई है।
AI का गेम: क्या यह कम्पटीशन बढ़ाएगा?
बर्नस्टीन की रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर भी जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI-आधारित प्लेटफॉर्म जो भारी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर नहीं करते, वे मुख्य रूप से डिमांड बढ़ाने वाले चैनल के तौर पर काम करेंगे, न कि Swiggy और Eternal जैसी स्थापित कंपनियों के लिए खतरा बनेंगे।
दोनों कंपनियां AI को तेजी से अपना रही हैं। Swiggy ने अपना मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (MCP) पेश किया है, जिससे AI असिस्टेंट फूड ऑर्डर, इंस्टामार्ट (Instamart) के जरिए ग्रोसरी शॉपिंग और डाइनिंग बुकिंग मैनेज कर सकते हैं। इससे AI टूल्स शॉपिंग असिस्टेंट की तरह काम करेंगे। इंस्टामार्ट दुनिया का पहला क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है जिसने MCP को बड़े पैमाने पर अपनाया है। वहीं, Eternal Ltd. ओपनएआई (OpenAI) के साथ अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को गहरा कर रहा है और अपने प्लेटफॉर्म्स पर एडवांस AI को इंटीग्रेट कर रहा है ताकि कस्टमर इंटरेक्शन और ऑपरेशनल ऑटोमेशन को बेहतर बनाया जा सके।
गिरावट की वजहें: वैल्यूएशन, कम्पटीशन और पुरानी कहानियां
हालांकि ज्यादातर एनालिस्ट (Eternal को कवर करने वाले 33 में से 30 और Swiggy को कवर करने वाले 28 में से 23 विश्लेषकों ने 'बाय' (Buy) रेटिंग दी है) इन कंपनियों के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं। Eternal Ltd. ऐतिहासिक रूप से बहुत ऊंचे वैल्यूएशन मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 1076.41 या 1120.63 तक बताया गया है। इस वित्तीय वर्ष के लिए भी इसका फॉरवर्ड पी/ई रेशियो 673.06 के आसपास दिख रहा है, जो कि एक प्रीमियम वैल्यूएशन दर्शाता है। MarketsMojo ने Eternal को 'सेल' (Sell) रेटिंग दी है, जो इसके हाई वैल्यूएशन और गिरते ऑपरेटिंग प्रॉफिट को मुख्य वजह बताता है। इसके अलावा, कंपनी के मार्जिन भी कम हैं और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी कमजोर रहा है। कम्पटीशन भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी आक्रामक डिस्काउंटिंग का सहारा ले रहे हैं।
Swiggy की बात करें तो, यह एक प्राइवेट कंपनी है और इसके पास ट्रेडिशनल मार्केट कैप और पी/ई रेशियो नहीं है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता अभी भी मुश्किल दिख रहा है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 24 (FY24) में ₹2,350 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, हालांकि यह पिछले साल की तुलना में 44% कम था। पहले कंपनी पर मैनेजमेंट में गड़बड़ी, बढ़ा-चढ़ाकर ऑर्डर दिखाना और कमीशन बढ़ाना जैसे आरोप लगे थे। हाल ही में, Swiggy ने एक पूर्व जूनियर कर्मचारी द्वारा ₹33 करोड़ के गबन का भी खुलासा किया था। इन सब के साथ, डिलीवरी पार्टनर से जुड़ी समस्याएं और ऐप की गलतियां भी निवेशक की सावधानी को बढ़ा सकती हैं।
सेक्टर और कम्पटीशन का माहौल
Swiggy सीधे तौर पर Zomato (NSE: ZOMATO) से मुकाबला करती है, जिसने AI में भारी निवेश किया है और ओपनएआई (OpenAI) के साथ साझेदारी की है। Zomato का मार्केट कैप फरवरी 2026 तक करीब ₹2.45 ट्रिलियन था, जिसका TTM P/E रेशियो 377.63 था। Zomato ने FY25 में ₹21,320 करोड़ का रेवेन्यू और ₹527 करोड़ का PAT (Profit After Tax) रिपोर्ट किया था। भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर मजबूत बना हुआ है और 2026 तक $159.25 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। फूड और बेवरेज सेगमेंट, खासकर क्विक कॉमर्स, में 17.68% की मजबूत सीएजीआर (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है।
आगे की राह
बर्नस्टीन की 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग और प्राइस टारगेट से पता चलता है कि वे Swiggy और Eternal की प्रतिस्पर्धी दबावों से निपटने और AI जैसी तकनीकी प्रगति का लाभ उठाने की क्षमता पर भरोसा करते हैं। हालांकि, बाजार की हालिया चाल से जाहिर होता है कि निवेशक Eternal के ऊंचे वैल्यूएशन और Swiggy की प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौतियों और पिछली परिचालन चिंताओं को भी तौल रहे हैं। भले ही एनालिस्ट की राय दोनों कंपनियों के पक्ष में मजबूत बनी हुई है, लेकिन शेयरों में लगातार गिरावट यह बताती है कि निवेशकों में कुछ गहरी चिंताएं हैं, जिन्हें दूर होने में समय लग सकता है।