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IndiGo, SpiceJet के शेयरों में भारी गिरावट: तेल की कीमतों में उबाल और मिडिल ईस्ट के टेंशन ने उड़ाई एयरलाइंस की नींद

TRANSPORTATION
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AuthorNeha Patil|Published at:
IndiGo, SpiceJet के शेयरों में भारी गिरावट: तेल की कीमतों में उबाल और मिडिल ईस्ट के टेंशन ने उड़ाई एयरलाइंस की नींद
Overview

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में एविएशन स्टॉक्स पर भारी दबाव देखने को मिला। IndiGo और SpiceJet के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

भू-राजनीतिक डर और तेल के दामों में आग ने गिराए एविएशन स्टॉक्स

गुरुवार को ग्लोबल मार्केट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच एविएशन सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों और अमेरिकी राष्ट्रपति की कड़ी चेतावनी के संकेतों ने बाजार में दहशत फैलाई, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक 2% से अधिक गिरे। इसी माहौल में InterGlobe Aviation, जो IndiGo का पैरेंट ग्रुप है, के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 5% तक गिरकर ₹3,970.05 पर आ गए। वहीं, प्रतिद्वंदी SpiceJet के शेयर 4% की गिरावट के साथ ₹9.53 पर फिसल गए।

इस भारी गिरावट की सीधी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उबाल है, जहां ब्रेंट क्रूड (Brent crude) $107 प्रति बैरल के पार निकल गया। तेल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम बढ़ा देती हैं, जो कि भारतीय एयरलाइंस के ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस का एक बड़ा हिस्सा, यानी 30-40% तक होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, घरेलू ATF की कीमतें महीने-दर-महीने 130% से भी ज्यादा बढ़ गई हैं, कुछ बाजारों में जेट फ्यूल की लागत ₹2 लाख प्रति किलोलीटर को पार कर गई, जो पिछले दिन के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है।

इन बढ़ती लागतों से निपटने के लिए IndiGo ने 2 अप्रैल से नए फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिए हैं। डोमेस्टिक रूट पर छोटी यात्राओं के लिए ये सरचार्ज ₹275 से शुरू होकर 2,000 किमी से लंबी उड़ानों के लिए ₹950 तक जाएंगे। वहीं, यूरोप जैसे अंतरराष्ट्रीय रूट पर यह ₹10,000 तक हो सकता है। यात्रियों पर लागत डालने के बाद भी, सरकार ने डोमेस्टिक ऑपरेशंस के लिए ATF की बढ़ी कीमतों के केवल 25% को धीरे-धीरे पास-थ्रू (यात्री भाड़े में शामिल) करने की अनुमति दी है।

इंडस्ट्री पर मंडराते बादल और मुश्किल आउटलुक

इंडस्ट्री के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। रेटिंग एजेंसी ICRA ने एविएशन सेक्टर के अपने आउटलुक को 'स्थिर' (Stable) से बदलकर 'नकारात्मक' (Negative) कर दिया है। ICRA का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY2026) में पूरे सेक्टर को ₹17,000–18,000 करोड़ का घाटा हो सकता है, और FY2027 में ही कुछ सुधार की उम्मीद है। डोमेस्टिक पैसेंजर ट्रैफिक ग्रोथ भी FY2026 में घटकर 0-3% रहने का अनुमान है। इसके अलावा, सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते 13-15% फ्लीट ग्राउंडेड (खड़ी) हैं, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी को प्रभावित कर रहा है।

विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। Emkay Global Financial Services ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखते हुए भी FY26/27/28 के लिए अपने प्रॉफिट एस्टिमेट्स को 13%, 28%, और 7% घटा दिया है। उन्होंने IndiGo का टारगेट प्राइस ₹6,300 से घटाकर ₹5,500 कर दिया है। वहीं, Morgan Stanley ने 'Overweight' रेटिंग के साथ ₹6,498 का टारगेट दिया है। आज के मार्केट रिएक्शन से साफ है कि निवेशक तुरंत की लागतों और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर चिंतित हैं, भले ही IndiGo स्टॉक अपने 52-वीक लो ₹3,894.80 के करीब ट्रेड कर रहा हो।

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