नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने UDAN स्कीम के विस्तार के लिए 22 राज्यों के साथ समझौता किया है। **₹28,840 करोड़** के इस बजट से 2036 तक 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड तैयार किए जाएंगे, जो रीजनल कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बजट का गणित
सरकार ने इस मेगा प्लान के लिए ₹28,840 करोड़ का फंड एलोकेट किया है। इसमें से ₹12,159 करोड़ उन इलाकों में 100 नए एयरपोर्ट बनाने पर खर्च होंगे जहाँ अभी एयर कनेक्टिविटी नहीं है। वहीं, पहाड़ी और दुर्गम इलाकों के लिए ₹3,661 करोड़ से 200 आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे। सरकार ने एयरलाइंस के लिए ₹10,043 करोड़ का 'वॉयबिलिटी गैप फंडिंग' (Viability Gap Funding) रखा है ताकि टिकटों की कीमतें आम आदमी की पहुंच में बनी रहें।
इंडिजिनस मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट
इस योजना का एक बड़ा हिस्सा स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। सरकार ने Pawan Hans के लिए Hindustan Aeronautics Limited (HAL) से 2 ध्रुव हेलीकॉप्टर और Alliance Air के लिए 2 डोर्नियर विमान खरीदने की योजना बनाई है। निवेशकों के लिए यह डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में काम कर रही कंपनियों के लिए एक स्थायी ऑर्डर पाइपलाइन का संकेत है।
रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें
UDAN प्रोग्राम ने अब तक 679 रूट और 1.68 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को कवर किया है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और लागत में बढ़ोतरी जैसे प्रोजेक्ट रिस्क बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल इन रूट्स की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी का है, जो सरकार की सब्सिडी बंद होने के बाद डिमांड पर निर्भर करेगा। बाजार की नजर अब इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन और बिडिंग नतीजों पर रहेगी।
