नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Air India को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। दरअसल, 4 सितंबर 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन यात्री इमिग्रेशन चेक से बच निकले थे, जिसके बाद सरकार ने ट्रांजिट प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई गंभीर सुरक्षा चूक के बाद Air India के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। 4 सितंबर 2026 को अमृतसर से म्यूनिख जा रहे तीन अंतरराष्ट्रीय यात्री ट्रांजिट के दौरान गलत रास्ते से निकल गए, जिससे वे अनिवार्य इमिग्रेशन जांच से बच गए।
क्या है पूरा मामला?
मंत्रालय ने 12 सितंबर 2026 को एयरलाइन को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। सरकार अब यह जांच कर रही है कि ट्रांजिट प्रक्रिया के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को क्यों नजरअंदाज किया गया। इस घटना के बाद गृह मंत्रालय भी हरकत में आ गया है और देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के लिए हाई-लेवल मीटिंग्स शुरू की गई हैं। इस गलती के लिए जिम्मेदार ग्राउंड-हैंडलिंग एजेंसी AISATS ने अपने संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह सुरक्षा चूक ऐसे समय पर हुई है जब Air India पहले से ही बड़े वित्तीय दबाव में है। कंपनी ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22,238.23 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस रिपोर्ट किया है। यद्यपि यह एक ऑपरेशनल मुद्दा है, लेकिन सरकार द्वारा सुरक्षा मानकों को सख्त करने से भविष्य में एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत बढ़ सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार ट्रांजिट पैसेंजर हैंडलिंग को लेकर क्या नए निर्देश जारी करती है और इसका एयरलाइन की कार्यक्षमता पर कितना असर पड़ता है।
