Alstom ने मुंबई मेट्रो लाइन-4 के लिए अपनी अत्याधुनिक ड्राइवरलेस ट्रेन का प्रोटोटाइप पेश कर दिया है। Larsen & Toubro के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट से कंपनी के ऑर्डर बुक को तो मजबूती मिल रही है, लेकिन निवेशकों की नजर कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पर है।
मेट्रो प्रोजेक्ट की डिटेल
Alstom ने अपने ड्राइवरलेस 'मेट्रोपोलिस' ट्रेनसेट का प्रोटोटाइप रोलआउट पूरा कर लिया है। अगस्त 2025 में हुए करार के तहत, कंपनी वडाला और कासरवडवली को जोड़ने वाले 32.32 किमी लंबे कॉरिडोर के लिए 39 ट्रेनसेट और सिग्नलिंग सिस्टम सप्लाई करेगी। यह ट्रेनें आंध्र प्रदेश के श्री सिटी स्थित प्लांट में तैयार की जा रही हैं, जबकि इसकी इंजीनियरिंग का काम बेंगलुरु में हुआ है। इस प्रोजेक्ट को Larsen & Toubro के साथ मिलकर अंजाम दिया जा रहा है। तकनीक के लिहाज से यह सिस्टम हर घंटे हर दिशा में करीब 25,000 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
Alstom का ग्लोबल ऑर्डर बैकलग €100 बिलियन के पार पहुंच गया है, जो कंपनी के मजबूत पोर्टफोलियो को दर्शाता है। फाइनेंशियल ईयर 2025/26 में कंपनी का रेवेन्यू €19.17 बिलियन रहा और एडजस्टेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBIT) करीब 6.0% दर्ज किया गया।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
कंपनी के पास काम तो बहुत है, लेकिन इन्वेस्टर्स के लिए असली चुनौती 'मार्जिन' को लेकर है। R&D लागत, सप्लाई चेन की जटिलताएं और प्रोजेक्ट में देरी जैसे कारणों से मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। कंपनी 2026/27 तक मार्जिन रिकवरी का टारगेट लेकर चल रही है। शेयर बाजार में 2026 के दौरान दिखी वोलेटिलिटी को देखते हुए, अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी किस तरह अपनी लागतों और ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट्स का प्रबंधन करती है।
