Alaska Air Group अपने खर्चों को काबू में करने के लिए **200** नॉन-कॉन्ट्रैक्ट पदों पर छंटनी कर रही है। बढ़ते ईंधन खर्च और महंगे ऑपरेशंस के कारण कंपनी को **$700 मिलियन** के सालाना नुकसान की चेतावनी दी गई है, जो **2003** के बाद का सबसे बड़ा झटका है।
भारी वित्तीय संकट का सामना
सिएटल स्थित विमानन कंपनी Alaska Air Group ने स्पष्ट किया है कि वह अपने कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए 200 नॉन-कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी ने शेयरधारकों को आगाह किया है कि उसे $700 मिलियन का सालाना नुकसान हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह 2003 के बाद कंपनी का पहला एडजस्टेड प्री-टैक्स नुकसान होगा। यह कदम कंपनी द्वारा Hawaiian Airlines के एकीकरण और वित्तीय अनुशासन को वापस लाने के प्रयासों के तहत उठाया गया है।
क्यों बढ़ रहा है खर्च?
कंपनी की मुसीबत का मुख्य कारण आसमान छूती ईंधन की कीमतें हैं। अनुमान है कि साल की अंतिम तिमाही में ईंधन की कीमत $4.65 से $4.85 प्रति गैलन तक पहुंच सकती है। इस वृद्धि से कंपनी को 2026 तक लगभग $1.8 बिलियन का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। यही वजह है कि कंपनी का एडजस्टेड प्री-टैक्स मार्जिन पिछले साल के 4.6% से गिरकर महज 1.1% पर आ गया है।
पूरे सेक्टर पर असर
यह संकट केवल Alaska Air तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा अमेरिकी एविएशन सेक्टर संघर्ष कर रहा है। Delta Air Lines, American Airlines और Southwest Airlines जैसी बड़ी कंपनियों ने भी 2026 के लिए अपने अर्निंग्स अनुमानों को कम कर दिया है। ग्लोबल स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव ने ईंधन बाजारों में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है, जिससे रिकवरी की राह मुश्किल हो गई है। फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान बैलेंस शीट को स्थिर करने पर है, ताकि लंबी अवधि की रणनीति—जैसे प्रीमियम केबिन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार—जारी रखा जा सके।
