Akasa Air ने अपने पायलटों के लिए सैलरी में **20%** की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो जनवरी **2027** से लागू होगी। कंपनी का मकसद टैलेंट को रिटेन करना है, साथ ही उड़ान के घंटों और सैलरी में भी सुधार किया जा रहा है।
बड़े बदलाव की तैयारी
Akasa Air ने अपनी विस्तार योजनाओं को गति देते हुए 1 जनवरी 2027 से अपने पायलटों की सैलरी में 20% की वृद्धि की घोषणा की है। इतना ही नहीं, कंपनी ने पायलटों के लिए न्यूनतम 50 घंटे की मासिक 'प्रोटेक्टेड फ्लाइंग' का नियम भी लागू किया है, जिससे फ्लाइट के घंटों की परवाह किए बिना उन्हें गारंटीड वेतन मिल सकेगा। कंपनी जल्द ही कोचीन और कोलकाता में नए पायलट बेस भी शुरू करने जा रही है, जो फिलहाल बेंगलुरु और मुंबई में मौजूद ऑपरेशंस के साथ जुड़ेंगे।
क्यों बढ़ रहे हैं एयरलाइंस के खर्चे?
भारतीय एविएशन सेक्टर में फिलहाल कुशल पायलटों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसका मुख्य कारण कंपनियों द्वारा तेजी से बेड़े (Fleet) का विस्तार करना और DGCA के नए कड़े नियमों का पालन करना है। खासकर फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों के तहत पायलटों को लंबा आराम देना अनिवार्य है, जिसके कारण शेड्यूल को बनाए रखने के लिए एयरलाइंस को ज्यादा क्रू की जरूरत पड़ रही है।
कंपनी के लिए वित्तीय चुनौती
वित्तीय नजरिए से देखें तो यह फैसला कंपनी के फिक्स्ड ऑपरेटिंग खर्च को और बढ़ाएगा। एयरलाइन इंडस्ट्री में, जहां मार्जिन बेहद कम होता है और फ्यूल की कीमतों के प्रति संवेदनशीलता बहुत अधिक होती है, वहां बढ़ते वेतन बिल को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती है। गौरतलब है कि लेबर की कमी से निपटने के लिए कंपनी ने 2023 में भी पायलटों की सैलरी में 40% का इजाफा किया था, जो सेक्टर में बढ़ती टैलेंट लागत को दर्शाता है।
फिलहाल Akasa Air के बेड़े में 45 बोइंग 737 MAX विमान हैं और कंपनी ने 226 और विमानों का ऑर्डर दे रखा है। कंपनी का भविष्य अब इस पर निर्भर करेगा कि वह इन नए विमानों को अपने नेटवर्क में कितनी कुशलता से जोड़ती है और बढ़ते खर्चों के बीच टिकट की कीमतों को कितना प्रतिस्पर्धी बनाए रखती है।
